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एक साल पूर्व हुए बच्चों के विवाद ने ली कैलाश की जान

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आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के असीलपुर गांव की दलित बस्ती में मामूली बात को लेकर हुई मारपीट में परिवार ने अपने एक सदस्य को खो दिया। जिसका कारण पुरानी रंजिश को माना जा रहा है। वह रंजिश जो एक साल पूर्व बच्चों को लेकर हुई थी। हालांकि उस दौरान इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। गांव के संभ्रांत लोगों ने मामला शांत करा दिया था। अगर मामले में पुलिस केस हुआ होता और कार्रवाई हुई होती तो शायद यह घटना नहीं होती।
बताते चलें कि एक साल पूर्व असीलपुर गांव में कैलाश और लालबहादुर के बच्चे एक साथ खेल रहे थे। किसी बात लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। बच्चों का विवाद उनके परिजनों तक पहुंच गया। दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई थी। मामला यहां तक पहुंचेगा किसी ने सोचा भी नहीं था। इसलिए गांव के कुछ संभ्रांत लोगों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत करा दिया और पुलिस तक मामला नहीं पहुंचा। इस घटना के बाद कैलाश कमाने के लिए विदेश चला गया। कैलाश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई अशोक घर पर रहकर खेती कराते हैं जबकि सबसे छोटा भाई सुभाष भी सउदी अरब में कमाता है। वह इस समय सउदी अरब में ही है।
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दो महीने पूर्व कैलाश विदेश से लौटा था। वह आठ जुलाई को वापस जाने वाला था। लेकिन विरोधियों के मन पहले की घटना को लेकर खुन्नस कायम थी। सोमवार की शाम किसी बात को लेकर एक बार फिर दोनों पक्षों में कहा सुनी हो गई। पहले तैयार बैठे विरोधियों ने घर में घुसकर पीट-पीटकर कैलाश की हत्या करने के साथ ही बीच-बचाव कर रहे परिवार के चार सदस्यों को घायल कर दिया। घायलों में कैलाश की मां झुलरी देवी, सरिता देवी, मीना और आकांक्षा को मारपीट कर घायल कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना से विरोधियों के कलेजे को भले ही ठंडक पड़ गई हो गई हो लेकिन बच्चों के विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली।
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