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एसडीएम, कोतवाल सहित अन्य पर केस का आरोप

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आजमगढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान सीजेएम ने फूलपुर तहसील के पूर्व एसडीएम अशोक कुमार सिंह, तहसीलदार जंगबहादुर यादव, कोतवाल रमायन सिंह, कांस्टेबल नथुनी सिंह आदि के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का आदेश कोतवाल फूलपुर को दिया है। इन लोगों पर आरोप है कि स्टे आर्डर के बावजूद सभी अधिकारी विपक्षी के प्रभाव में आकर ना केवल उसके घर के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा आदि तोड़कर नष्ट कर दिया। बल्कि जमीन पर जबरन कब्जा दिलवा दिया। कोर्ट के आदेश से हड़कंप मचा हुआ है।
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दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता और केस की पैरवी करने वाले यशवंत यादव के मुताबिक फूलपुर कस्बा निवासी ज्वाला प्रसाद पांडेय द्वारा सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया गया था। जिसमें ज्वाला प्रसाद का आरोप है कि उनके घर के बगल में उनकी जमीन है। जिस पर विपक्ष के चिरंजीलाल जायसवाल आदि कब्जा करते हुए रास्ता बनाना चाहते थे। आराजी नंबर 637 ब पर होने वाले अवैैध कब्जे के विरोध में हवेली में वाद संख्या 1033/18 दाखिल किया गया था। जिस पर संबंधित कोर्ट ने 29 मई 2018 को स्टे दिया था। बावजूद इसके एसडीएम फूलपुर अशोक कुमार सिंह, तहसीलदार जंगबहादुर यादव, कोतवाल रमायन सिंह, कांस्टेबल नथुनी अपने साथ दस से अधिक पुलिसवालों को लेकर पहुंचे। पुलिसवालों के पहुंचने पर चिरंजीलाल जायसवाल, प्रेमलता, श्याम जायसवाल, अजय आदि भी आ गए। इनके आने पर एसडीएम के समक्ष ज्वाला प्रसाद पांडेय ने स्टे आर्डर दिखाया तो उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बहुत से कचरे को देखें हैं। यह लोग जमीन में गड़ा लोहे का पिलर उखाड़कर ना केवल जमीन पर कब्जा करवा दिया। बल्कि सबूत मिटाने के लिए दुकान के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा आदि भी तोड़कर नष्ट कर दिया। साथ ही अन्य तरह की कार्रवाई करने की धमकी दी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को फूलपुर कोतवाली के तात्कीलन एसडीएम, तहसीलदार, कोतवाल सहित अन्य के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई का आदेश फूलपुर कोतवाली पुलिस को दिया है।
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आशीष तिवारी
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