आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग में हुए करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में अभी पूर्ण भी नहीं हुई कि छात्रवृत्ति में गोलमाल का एक और मामला प्रकाश में आ गया। मंगलवार को पीड़ित छात्र ने इस मामले में कालेज के प्रबंधक और बैंक के शाखा प्रबंधक पर फर्जी आवेदन के जरिए छात्रवृत्ति निकालने की शिकायत मंडलायुक्त से की। वहीं, कालेज प्रबंधक का कहना है कि एडमिशन लेने के बाद छात्र ने अपनी छात्रवृत्ति की रकम निकालने के बाद परीक्षा नहीं दी थी। आरोप झूठे हैं।
सगड़ी तहसील के मालटारी गांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र बलिकरन राम ने मंगलवार को मंडलायुक्त को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि वर्ष 2016-17 में बरोही फत्तेपुर स्थित एक कालेज के प्रबंधक ने बीएड के नाम पर उससे उसके सारे अभिलेख ले लिए। उनके द्वारा जब एडमिशन के लिए उससे पैसे की मांग की गई तो उसने असमर्थता जाहिर करते हुए एडमिशन नहीं कराया। इस बीच 2017-18 में उसने ताहिरपुर बघावर स्थित एक विद्यालय में बीटीसी में दाखिला करा लिया। लेकिन जब उसने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना शुरू किया तो पता चला कि उसके नाम से 52 हजार रुपये की छात्रवृत्ति काशी गोमती संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में एक वर्ष की पहले ही भेजी जा चुकी है। जिसे निकाला भी जा चुका है। जानकारी होने पर उसने इसकी शिकायत बैंक के शाखा प्रबंधक से की लेकिन उसकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। फिर वह उक्त विद्यालय के प्रबंधक के पास पहुंचा और उन्हें ऐसा होने की बात बताई लेकिन उन्होंने भी उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। तब मजबूरी में उसने इसकी शिकायत मुख्य सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से करके बैंक के शाखा प्रबंधक और विद्यालय के प्रबंधक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, कालेज प्रबंधक का कहना है कि एडमिशन लेने के बाद छात्र ने अपनी छात्रवृत्ति की रकम निकालने के बाद परीक्षा नहीं दी थी। आरोप झूठे हैं।