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गांवों में हुए खर्च की होगी जाच

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आजमगढ़। मनरेगा, शौचालय, राज्य वित्त, 14वां वित्त और आवास योजना के तहत सपा सरकार में काफी धन आया। इस धन के मनमानी खर्चे की नियमित रूप से शिकायतें मिलती रही हैं। जिस पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने प्रत्येक ब्लाक के पांच गांवों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसमें सभी ब्लाकों से सबसे ज्यादा धन पाने वाले गांवों की सूची बन गई हैै। साथ ही जांच अधिकारी भी नामित हो गए हैं।
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पूर्ववर्ती सरकार में 2014-15, 2015-16 और 2016-17 में सरकार से मिले धन की जमकर बंदरबांट की आशंका है। विकास के नाम पर पैसे तो खर्च किए गए, लेकिन उन पैसों का हिसाब नहीं रखा गया और न ही आनलाइन फीडिंग कराई गई कि पैसे को किस मद में खर्च किया गया। जिसे देखते हुए जिलाधिकारी ने हर ब्लाक से उन पांच गांवों को चयनित कर जांच करने का निर्देश दिया है जिसमें सबसे ज्यादा पैसे भेजे गए। जांच अधिकारी इन गांवों में मनरेगा, शौचालय, राज्य वित्त, 14वां वित्त और आवास योजना के तहत हुए कार्यों और खर्च हुए पैसे का भौतिक सत्यापन करेंगे। प्रत्येक जांच टीम में एक जिला स्तरीय अधिकारी होगा। यह अधिकारी इन गांवों का सत्यापन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपेंगे।
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जांच के लिए नियुक्त अधिकारी-
इन गांवों के सत्यापन के लिए एक जिला स्तरीय अधिकारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। एक टीम को चार से पांच ब्लाकों के गांवों की जांच करनी है। जिसमें सठियांव, अजमतगढ़, बिलरियागंज और हरैया के लिए परियोजना निदेशक दुर्गादत्त शुक्ल और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ज्ञानेंद्र कुमार, पल्हनी, महराजगंज, कोयलसा और अतरौलिया के लिए जिला विकास अधिकारी विजय कुमार और सहायक अभियंता डीआरडीए एनबी सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। वहीं रानी की सराय, जहानागंज, मुहम्मदपुर और मेंहनगर केे लिए जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र और सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग खंड-पांच एसएन सिंह के साथ ही मिर्जापुर, अहरौला, फूलपुर, पवई और ठेकमा के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह और अभियंता जिला पंचायत शशिचंद यादव को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा तहबरपुर, मार्टीनगंज, लालगंज, पल्हना और तरवां के लिए अर्थ एवं संख्याधिकारी आरडी राम और सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय राघवेंद्र सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है।
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इनसेट:
अक्सर गांवों से आम लोग विकास कार्यों में धांधली की शिकायत करते हैं। इससे देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि यहां धांधली हुई है। क्योंकि कराए गए विकास कार्यों की आनलाइन फीडिंग भी नहीं कराई गई। इसके कारण यह जांच कराई जा रही है। इस जांच के लिए कोई समय नहीं निर्धारित है, लेकिन इसे जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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- अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।
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