आजमगढ़। दीवानी न्यायालय में पेशी के दौरान 18 दिसंबर को पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए सजायाफ्ता मोहन पासी का तीसरे दिन गुरुवार को भी कोई सुराग नहीं लग सका। मोहन की तलाश में गठित पुलिस की छह टीमें जहां गोरखपुर, गाजीपुर, अंबेडकर नगर आदि जिलों की खाक छान रही हैं। वहीं सुराग लगाने के लिए सिपाही, लाकअप के हेड मुहर्रिर और जेल के बंदी रक्षकों से भी पूछताछ की जा रही है। अभी तक पुलिस को इस संबंध में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।
जहानागंज थाना क्षेत्र के शमशुद्दीनपुर गांव निवासी मोहन पासी जेल में बंद श्यामबाबू पासी गिरोह का सदस्य है। वर्ष 2008 में जहानागंज थाना क्षेत्र मेें हुए डीह गांव के प्रधान राकेश सिंह पप्पू सहित तीन लोगों की हत्या के मामले में मोहन को आजीवन कारावास की सजा हुई है। तभी से वह जेल में है। मोहन के विरुद्ध निजामाबाद थाना क्षेत्र में गोली मारकर की गई लूट की घटना के मामले में 18 दिसंबर को न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। यहीं से वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। मोहन का पता लगाने के लिए सिपाही रामाश्रय, लाकअप के हेडमुहर्रिर उदयनरायण तिवारी के अलावा जेल के कई बंदी रक्षकों से पुलिस पूछताछ कर रही है। जबकि कईयों के गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। उधर मोहन पासी को पकडने के लिए एसपी अजय कुमार साहनी की तरफ से लगाई गई पुलिस की छह टीमें अलग-अलग तरीके से गोरखपुर, गाजीपुर, अंबेडकर नगर आदि जिलों की खाक छान रही हैं। हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि मोहन की तलाश में पुलिस दिन रात एक कर दिया है। पुलिस सुराग लगानेे के लिए कुछ लोगों से पूछताछ भी कर रही है।