आजमगढ़। भूमाफियाओं की ओर से विभागीय कर्मचारियों के साथ साठगांठ कर दो और ऐसे लोगों की ओर से फिर मुआवजे के लिए क्लेम के लिए गया था, जो 20 साल से ज्यादा समय से लापता हैं। मामला मुआवजा जारी करने से पहले ही पकड़ा में आ गया था। विभाग की ओर से दोनों फर्जी लाभार्थियों के खिलाफ तहरीर पुलिस को दी गई थी। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इसके साथ ही दो और ऐसे मामले पकड़ में आने की बात कही जा रही है।
जनपद में हाईवे में आई जमीनों का फर्जी मालिक खड़ा कर मुआवजे की धनराशि हड़पने का खेल किया गया है। अभी कुछ दिनों पहले ही 30 साल से लापता बूढ़नपुर तहसील के भीलमपुर छपरा निवासी सुग्रीव राम पुत्र धनई के नाम पर फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर उसके नाम से एक प्राइवेट बैंक में फर्जी खाता खुलवाने और मुआवजे के रूप में आई 95 लाख रुपये की धनराशि हड़पने का मामला सामना आया था। मामले में आरोपी के खिलाफ नगर कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अभी इस मामले की जांच चल ही रही थी कि दो ऐसी जमीन के मुआवजे के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में क्लेम किया गया, जिसके मालिक भी लगभग 20 साल से लापता है। इसमें राम उदय पुत्र शिवदान निवासी लोहरा थाना अतरौलिया के नाम से .0113 एकड़ और मुनेसर पुत्र खदेरू के नाम से .0151 एकड़ जमीन के लिए फर्जी आदमी खड़ा कर मुआवजे के लिए क्लेम किया गया था। हालांकि इस बार इन्हें मुआवजा जारी करने से पहले ही जांच में पकड़ लिया गया। मामले में विभाग के तत्कोलीन बाबू योगेंद्र सिंह की ओर से तहरीर दी गी थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीआरओ आलोक वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टी की है। इसके साथ ही दो और ऐसे मामले पकड़ में आने की बात कही जा रही है।0000
लगभग 20 साल लापता दो व्यक्तियों के नाम से फर्जी आदमी खड़ा कर हाईवे आई जमीन के मुआवजे के लिए क्लेम किया गया था। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विभाग के कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
आलोक वर्मा, सीआरओ
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कर्मचारियों को पढ़ाया इमानदारी का पाठ
आजमगढ़। जिलाधिकारी चंद्रभू षण सिंह ने विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में तैनात विवादित बाबू योगेंद्र सिंह को हटाने के बाद गुरुवार को विभाग के सभी कर्मचारियों के साथ सीआरओ को तलब किया गया। इस दौरान सभी को कार्य इमानदारी के साथ पूरे करने के निर्देश दिए गए। कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की चेतावनी दी गई।