आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी नहर की पटरी पर मंगलवार की रात हुई मुठभेड़ में घायल बदमाश विजय यादव का बीएचयू में इलाज कराने के बाद पुलिस उसे जेल भेजवा दी। फरार दूसरे बदमाश की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी पहचान करने के प्रयास में जुटी हुई है। उधर गुरुवार को घायल विजय यादव के पिता कामता यादव डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि विजय के पैर में लगी दूसरी गोली अभी तक नहीं निकाली गई है। ऐसे में वह जेल के अस्पताल में असहाय पड़ा हुआ है। बता दें कि प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय शिवशंकर सिंह मंगलवार की रात आठ बजे क्षेत्र में भ्रमण करते हुए रुदरी नहर पर पहुंचे। पुलिस पुल के पास जैसे ही खड़ी हुई कि तभी एक बाइक आते हुए दिखी। पुलिस टीम ने बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया तो बदमाश फायर कर भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में दोनों पैर में गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया। जबकि दूसरा फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान रानी की सराय थाने के जमालपुर भेलखरा गांव निवासी 50 हजार के इनामी विजय यादव के रुप में हुई। पूछताछ के दौरान विजय ने दूसरे बदमाश का नाम गुड्डू बताया, लेकिन उसके नाम और पते की जानकारी नहीं दे सका। ऐसे में पुलिस को शक है कि विजय फरार बदमाश का नाम रंजिश के चलते बता रहा है। पुलिस इस बात की सही जानकारी जुटा रही है। उधर गुरुवार को विजय का पिता कामता यादव डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगातेे हुए पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस उसे 11 बजे दिन में ही आंवक चट्टी से पकड़कर रखी हुई थी। रातो-रात इस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दोनों पैर में गोली मार दी। उसका आरोप है कि गोली से घायल विजय का इलाज वाराणसी बीएचयू ट्रामा सेंटर में हुआ। जहां एक पैर की गोली निकाली गई। जबकि दूसरे बाएं पैर की गोली बगैर निकाले ही डाक्टर ने अस्पताल से छोड़ दिया और पुलिस उसे जेल भेजवा दी। दोनों पैर में गोली लगने से वह चलने-फिरने में भी असमर्थ है। ऐसे में उसका इलाज कराया जाना आवश्यक है। प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय शिवशंकर सिंह ने बताया कि विजय यादव जेल में निरुद्ध है। दूसरे बदमाश की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। पता लगाया जा रहा।