रानी की सराय। शिक्षिका से गैंगरेप की घटना के छह दिन बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पुलिस की निष्क्रियता से नाराज क्षेत्र के लोग बुधवार की दोपहर सड़क पर उतरे और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही बलात्कारियों को फांसी देने की मांग की। रानी की सराय बाजार में हुजूम सड़क पर उतर आने से कस्बे में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। सीओ सिटी के आश्वासन पर विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया।
बता दें कि रानी की सराय थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 24 वर्षीय शिक्षिका एक निजी विद्यालय में पढ़ाती है। साथ ही कस्बे में स्थित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ती भी थी। 16 नवंबर की शाम करीब चार बजे शिक्षिका पैदल रानी की सराय कस्बे से घर लौट रही थी। उसका आरोप है कि जैसे ही वह नहर के पास पहुंची कि स्कार्पियो सवार चार लोग पहुंचे और उसे जबरन स्कार्पियो में बैठा लिया। चार आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप कर उसका वीडियो बना लिया। साथ ही कहीं शिकायत करने पर पूरी वीडियो सोशल साइटों पर सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए शिक्षिका को दूसरे दिन बाजार के पास फेंककर फरार हो गए। घरवालों को घटना की जानकारी हुई। केस दर्ज करने के बाद से ही पुलिस कोरम पूरा करने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली। बताया गया कि जिस वाहन से शिक्षिका को फेंका गया उस पर भाजपा का झंडा लगा है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज क्षेत्र के लोग बुधवार को रानी की सराय ब्लाक में इकट्ठा हुए। वहां से भारी संख्या में महिला, पुरुष हाथों में सरकार और प्रशासन के विरोध में नारेबाजी लिखी तख्ती लेकर सड़क पर उतर आए। लोग पूरी बाजार में चक्रमण करते हुए पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे थे। सड़क पर भीड़ होने की वजह से जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालांकि पुलिस मोर्चा संभालते हुए वाहनों को इधर-उधर से हटवा रही थी। बाद में सीओसिटी अजय कुमार यादव मौके पर पहुंचे। जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।