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दुष्कर्म के दो आरोपियों को दस वर्ष की कैद

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आजमगढ़। बालिका को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की जुर्म में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी पाते हुए दस वर्ष की कठोर कारावास के साथ बीस-बीस हजार रुपए की अर्थदंड भी लगाया। इसी मामले में बालिका को भगाने के दो आरोपियों को पांच-पांच वर्ष कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपए की अर्थदंड की सजा सुनाई। गुरुवार को ये सजा अपर सत्र न्यायधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट धीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने सुनाई। मेंहनगर कस्बा के सुनील पुत्र किशोर सोनकर की बहन कवलपत्ती की शादी फूलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। सुनील अपनी बहन कवलपत्ती पत्नी रामअवतार के घर आता-जाता था। सुनील और चंदर पुत्र रामजीत, कवलपत्ती और रामअवतार के सहयोग से गांव की लड़की को 20 अगस्त 2009 को भोर में मुंह पर कपड़ा डालकर उठा ले गए। पीडिता के अनुसार दोनों आरोपी उसे कवलपत्त्ती के घर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपीयों ने उसे मेंहनगर थाना के पलिया गांव में ले जाकर रखा था। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने कुल छह गवाहों को अदालत में पेश किया। उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद सुनील और चंदर को दुष्कर्म के जुर्म में दस साल की सजा और 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। कवलपत्ती और रामअवतार को बालिका को भगाने के आरोप में पांच वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई।
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