गैंगरेप पीड़ित किशोरी ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। गुरुवार सुबह परिवार वालों ने कमरे में उसकी लाश लटकी देखी। परिजनों का कहना है कि किशोरी ने दहशत में यह कदम उठाया। बुधवार को आरोपी के भाई ने उनके घर पर आकर समझौता न करने पर किशोरी को जान से मारने की धमकी दी थी। गैंगरेप पीड़ित की खुदकुशी का पता लगने पर पुलिस में खलबली मच गई।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी को 20 अगस्त की रात तीन युवक तमंचे के बल पर घर से उठाकर ले गए थे। उसे गांव के सरकारी स्कूल में ले जाकर तीनों युवकों ने रेप किया था। पुलिस ने किशोरी के भाई की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, जिसमें उसी गांव का लंकुश उर्फ लवकुश नामजद है। पुलिस आरोपी लंकुश को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अज्ञात दोनों आरोपी अभी फरार हैं।
परिजनों के मुताबिक बुधवार रात किशोरी अपनी मां के साथ घर के बरामदे में सोई थी। रात में वह कब उठकर कमरे में चली गई, इसका किसी को पता नहीं चला। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे मां ने देखा तो बेटी बिस्तर से गायब थी। उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो छत के कुंडे से रस्सी के सहारे उसका शव लटका था। मां के चीखने पर परिवार के बाकी लोग जाग गए। मूसाझाग थाना पुलिस ने पहुंचकर शव नीचे उतारा और पोस्टमार्टम को भेजा। दोपहर में बरेली से आए आईजी डीके ठाकुर ने भी मौका मुआयना किया। उन्होंने आरोपी के परिवार वालों से भी बातचीत की फिर किशोरी के परिजनों से जानकारी ली। उन्होंने एसएसपी को साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए।