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मिशनरी की जमीनों के बिक्री को लेकर उपजा विवाद

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आजमगढ़। जनपद में मिशनरी की काफी जमीनें हैं। इन जमीनों की बिक्री को लेकर आपस में काफी दिनों से विवाद चल रहा है। इसी बीच इलाहाबाद के बिशप बलदेव ने होली ट्रिनिटी चर्च के फादर प्रवीन सोंस का स्थानांतरण कर दिया। इसके विरोध में रविवार को चर्च बंद रखकर फादर समर्थकों ने बंद कर दिया। प्रार्थना सभा में भाग लेने पहुंचे लोग चर्च के सामने जमा थे। तभी वहां बिशप बलदेव पहुंच गए। दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। पंचायत के बाद मामले को शांत कराया और चर्च को प्रार्थना के लिए खुलवाया गया।
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जनपद में मिशनरी की जमीनों की बिक्री मनमाने तरीके से किए जाने को लेकर विवाद काफी दिनों से चला आ रहा है। रविवार को यह विवाद खुलकर सामने आ गया। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने बताया कि होली ट्रीनिटी चर्च के फादर का स्थानांतरण 29 जून को वाराणसी हो गया है लेकिन वह वाराणसी न जाकर यहीं जमे हुए हैं। फादर का ट्रांसफर होने के बाद रविवार को नए फादर को चार्ज दिलाने के लिए विशप बलदेव चर्च पर पहुंच गए। नए फादर को देख पुराने फादर भड़क गए और चर्च में प्रार्थना करने से मना कर दिया। इससे नाराज समुदाय के लोग शहर कोतवाली पहुंचकर घटना की शिकायत की। एडीएम ने बताया कि जब तक इस मामले में कोर्ट का कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिल जाता, तब तक चर्च में लोगों को प्रार्थना करने से कोई भी नहीं रोक सकता। यह सबके लिए खुला है। यदि कोई रोकता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर इसी मामले में लखनऊ डायोसेंस ट्रस्ट एसोसिएशन के चेयरमैन विशप जोहन अगस्टीन ने आरोप लगाया कि यूपी और उत्तराखंड के मिशनरी से जुड़े चर्च, स्कूल, अस्पताल आदि जो भी किसी अन्य तरीके से मिली है। वह सभी चर्च ऑफ इंडिया समुदाय की संपत्ति है। विशप जोहन अगस्टीन के मुताबिक, वर्तमान समय में ट्रस्ट की सारी जमीन आदि भारत सरकार के अधीन है। इस पर मालिकाना हक के लिए रजिस्ट्रार के यहां अपील की गई है। विशप जोहन अगस्टीन का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद कुछ लोग काफी संख्या में जमीन बेच दिए हैं। रविवार को बेची गई जमीन का 15 लाख रुपये की लेनदेन होने वाली थी। जिसका लोगों ने विरोध किया और थाने में तहरीर दी। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि विशप द्वारा यहां की जमीनों की बिक्री की जा रही है, जिसका फादर प्रवीन सोंस विरोध करते हैं। जिसके कारण उन्हें रास्ते से हटाने के लिए उनका स्थानांतरण किया गया है।

जमीन बेचने संबंधी किसी भी मामले की जानकारी नहीं है। चर्च में प्रार्थना करने पर रोक लगाने का मामला प्रकाश में आने पर रोक लगाने वाले को चेतावनी दी गई है। इसके बाद भी नहीं मानें तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन
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