अहरौला। थाना क्षेत्र के सुक्खीपुर गांव में स्थित ढाबे के पास शुक्रवार की रात करीब दस बजे खड़े ट्रक में पीछे से बाइक के टकरा जाने से क्लीनिक संचालक रामलवट यादव (45) की मौत हो गई। वह दावत खाकर घर लौट रहा था। सिर पर हेलमेट न होने की वजह से सिर में गंभीर चोट लगी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक रामलवट की आंख में सामने से दूसरे वाहन की तेज गति लाइट पड़ने के बाद अपना आपा खो दिया। रामलवट यादव (45) पुत्र राजदेव मूलरूप से अहरौला थाना क्षेत्र के रुपाईपुर गांव का रहने वाला था। वह इसी थाना क्षेत्र के फूलवरिया बाजार में किराए का कमरा लेकर क्लीनिक चला रहा था। शुक्रवार को फूलवरिया के ही रहने वाले एक दोस्त के यहां दावत थी। उसमें भोजन करने के बाद वह साढ़े नौ बजे के करीब घर के लिए निकला। मुख्य मार्ग होने की वजह से सड़क पर बड़े वाहनों का आना-जाना लगा हुआ था। रामलवट जैसे ही सुक्खीपुर गांव के पास स्थित ढाबे के समीप पहुंचा कि वहां सड़क के दोनों तरफ ट्रक खड़ाकर चालक भोजन कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रामलवट अपनी बाइक से जा ही रहा था कि सामने से अचानक दूसरे वाहन की तेज रोशनी पड़ी। जिससे उसे कुछ दिखाई नहीं दिया और नियंत्रण खोकर बचने के लिए पटरी की तरफ भागा। किनारे खड़े ट्रक में पीछे बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। रामलवट के सिर पर हेलमेट न होने की वजह से गंभीर चोट लग गई। लोग जब तक उसे अस्पताल ले जाने का प्रबंध करते कि उसकी मौत हो गई। रामलवट की दो शादी हुई थी। पहली पत्नी से एक बेटा और दूसरी पत्नी से दो बेटा और एक बेटी हैं। बता दें कि इन दिनों छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहनों में आवश्यकता से अधिक लाइटें लगी हैं। सड़क पर चलते समय फैशन में सभी लाइटों को जलाकर चल रहे हैं। इसके चलते अक्सर लोगों के रात के समय काफी परेशानी होती है। पर पुलिस, आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।