आजमगढ़। दिल दहला देने वाली अगलगी की घटना में मृत सतिराम, रेखा व बेबी का अंतिम संस्कार मंगलवार को दिन में राजघाट पर हुआ। इन तीनों का पोस्टमार्टम सोमवार की शाम ही हो गया था लेकिन परिवार के लोगों के मौजूद न होने से पीएम के बाद बॉडी पुन: पीएम हाऊस में ही सुरक्षित रख दी गई थी।
शहर के मुकेरीगंज मुहल्ला स्थित पटाखा की गोदाम में रविवार की शाम लगी आग ने अब तक आठ लोगों क जान ले ली है। अगलगी की इस घटना में गृहस्वामी सतिराम की मौत वाराणसी में सोमवार की सुबह उपचार के दौरान हो गई तो वहीं परिवार की बच्चियां रेखा व बेबी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सोमवार को दिन में जब पोस्टमार्टम हुआ तो इन तीनों की बॉडी को लेने वाला कोई नहीं था। कारण यह था कि सतिराम का परिवार जहां मुम्बई था तो वहीं दोनों बच्चियों के पिता की मौत पूर्व में हो चुकी थी और देखरेख करने वाले चाचा विजय गुप्ता उर्फ खिलाड़ी स्वयं गंभीर रुप से झुलस कर जीवन मौत से संघर्ष कर रहा था। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव पुन: पीएम हाऊस में ही सुरक्षित रखवा दिये गये। खिलाड़ी की भी मंगलवार की सुबह वाराणसी में मौत हो गई। कुछ नात-रिश्तेदार मंगलवार की सुबह पीएम हाऊस पर पहुंचे और सतिराम, रेखा व बेबी के शव को रिसीव कर राजघाट लेजाकर अंतिम संस्कार किए। इस दौरान नात रिश्तेदारों के करूण कं्रदन से हर कोई मर्माहत था। राजघाट पर तीनों के शवों का अंतिम संस्कार करने के बाद वहीं नात रिश्तेदार वाराणसी पहुंचे और खिलाड़ी का शव पीएम के बाद रिसीव कर उसका वहीं अंतिम संस्कार कर दिया।
घर पर जुटी रही शोक संवेदना करने वालो की भीड़
आजमगढ़। जिस मकान में अगलगी की घटना हुई थी, उसके दोनों मुखिया सतिराम व खिलाड़ी की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही परिवार की दो बच्चियां भी झुलस कर मर गई है। एक ही परिवार के चार-चार लोगों की मौत के बाद मंगलवार को दिन भर मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही। लोगों ने शोक संवदेना व्यक्त करने के साथ ही घटना के कारणों पर मंथन किया। वहीं मंगलवार की शाम मौके पर सैकड़ों की संख्या में महिला एकत्र होकर पीड़ित परिवार के महिलाओं को ढाढ़स बंधाने में जुटी हुई थी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस फोर्स भी मौके पर तैनात रही।