आजमगढ़। मार्केटिंग इंसेटिव के गबन के मामले की पुष्टी के बाद मुबारकपुर की 11 बुनकर समितियों से 1.40 करोड़ों की रिकवरी और समिति के सचिव तथा सभापति के खिलाफ एफआईआर के आदेश पूर्व जिलाधिकारी ने मार्च में ही दिए थे। जिलाधिकारी के स्थानानंतरण के बाद आदेश को दबा दिया गया। मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
पिछले वर्ष हथकरघा आयुक्त से जनपद की 11 बुनकर समितियों की शिकायत हुई थी। आयुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर मामले की जांच कराई थी। जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मार्केटिंग इंसेटिंव हड़पने की पुष्टी हुई थी। इसके साथ ही 250 अन्य समितियों में भी 30 करोड़ों के ऐसे ही गबन की होने की बात कही गई थी। मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई थी। इसके बाद सीडीओ के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर 11 समितियों की सुनवाई करने के निर्देश दिए गए थे। जांच टीम को अन्य 250 समितियों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए थे। सुनवाई के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी सीबी सिंह ने एडीआई हथकरघा मऊ को 11 समितियों के सचिव और सभापति पर एफआईआर कराने और 1.40 करोड़ की रिकवरी कराने के आदेश मार्च 2018 में दिए थे। इस बीच उनका स्थानांतरण हो गया। नये जिलाधिकारी और सीडीओ ने भी मामले में कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद भी अभी समितियों परव् एव्फआईआर और वसूली की कर्रवाई डंप पड़ी हुई है।
एडीआई हथकरघा मऊ को मामले में रिकवरी और एफआईआर के लिए रिमाइंडर भेजा गया था। यदि वो कार्रवाई नहीं कर रहे हैं तो इसकी नतीजा खुद भुगतेंगे। मामले को देखा जा रहा है।
अनिल कुमार उपाध्याय, सीडीओ