अहरौला। ग्राम सभा के झाड़ी खाते की लगभग तीन एकड़ सरकारी जमीन को अवैध कब्जा करके अपने नाम कराने वाले पूर्व विधायक और उनके परिवार के तेरह सदस्यों के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए रविवार को तहसीलदार फूलपुर की मौजदूगी में लेखपाल ने तहरीर दी थी। हालांकि थोड़ी देर बाद एसडीएम फूलपुर ने फोनकर तहरीर को वापस मंगा लिया। उनका कहना है कि संशोधन के बाद तहरीर देकर एफआईआर कराई जाएगी। अवैध कब्जे की पुष्टी होने पर जिलाधिकारी ने पिछले दिनों कब्जा खाली कराते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। अहरौला थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव निवासी अब्दुल कलाम फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रहे हैं। अब्दुल कलाम और अब्दुल रब ने अभिलेखों में हेराफेरी कर अपने घर से करीब ढाई किलोमीटर दूर स्थित तरकुलहा गांव की झाड़ी की तीन एकड़ से अधिक की जमीन पर अपना और परिवार के सदस्यों का नाम चढ़वा लिया। साथ ही उस पर कब्जा कर लिया। इसकी शिकायत पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने पूरे मामले की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में जमीन सरकारी अभिलेखों में झाड़ी के नाम से दर्ज मिलने पर डीएम ने लाभार्थियों समेत जमीन नाम करने के दोषी अधिकारी और कर्मचारी पर एफआईआर कराने के निर्देश तहसील प्रशासन को दिए थे। आदेश के क्रम में रविवार को तहसीलदार फूलपुर जंगबहादुर यादव कानूनगो शैलेष यादव, क्षेत्रीय लेखपाल राधेश्याम यादव के अलावा अन्य लेखपालों को लेकर मौके पर पहुंचे। तरकुलहा गांव के इस जमीन की पैमाइश कराकर उसे ग्राम सभा के खाते में वापस दर्ज करा दिया। इसके बाद तहसीलदार के साथ सभी राजस्वकर्मी अहरौला थाने पहुंचे। लेखपाल राधेश्याम ने पूर्व विधायक अब्दुल कलाम सहित उनके परिवार के 13 सदस्यों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने की तहरीर दी। तभी एसडीएम फूलपुर ने फोन कर तहरीर के वापस मंगा लिया। तहसीलदार जंग बहादुर यादव ने बताया कि तहरीर में कुछ कमी रह गई थी। इसे संशोधित करने के लिए वापस मंगाया गया है।