शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। भारत व नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार को संयुक्त अभियान में सीमा के पास से छह महिलाओं को संदिग्ध हाल में पकड़ा। इन्हें नौकरी का झांसा देकर खाड़ी देश भेजने की तैयारी थी। सुरक्षा एजेंसिंयों के हाथ एक एजेंट भी लगा है। उन सभी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पकड़ी गईं महिलाओं को नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चौकी इंचार्ज खुनुवां और एसएसबी व नेपाल पुलिस के अधिकारियों को बार्डर पर मुस्तैद किया गया था। इसी दौरान नेपाल की तरफ से आ रही दो महिलाओं को खुनुवां पुलिस ने रोक कर पूछताछ शुरू की। संदेह होने पर नेपाल पुलिस को भी बुलाया गया। इसी दौरान एक नेपाली युवक को भी संदेह के आधार पर पकड़ा गया। दोनों महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें नौकरी देने के नाम पर खाड़ी देशों में भेजा जा रहा है। चार अन्य महिलाएं नेपाल में सीमा से सटे मर्यादपुर गांव में छिपाई गई हैं। सूचना पर नेपाल पुलिस ने छापेमारी कर चारों महिलाओं को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार एजेंट गणेश बहादुर नेपाल के जिला बांके का रहने वाला है। उसने बताया कि काठमांडू से छह महिलाओं को तौलिहवां लाया गया। वे शनिवार रात होटल में रुके। सुबह खुनुवां होते हुए दिल्ली जाना था। वहां इन महिलाओं को मुख्य एजेंट के हवाले करना था। खुनुवां चौकी पुलिस के हाथ लगी महिलाओं का नाम सरिता (32) व सरिता (30) है। वे क्रमश: नेपाल के जिला झापा के हरिया बुद्धाबारी और जैमरगढ़ी की रहने वाली हैं।
नेपाल पुलिस के हाथ लगी महिलाओं का नाम जिला सुनसरी की बबिता भाग्यरती (30), जिला चितवन की संगीता (25), जिला आछाप की लक्ष्मी (30), जिला नवलपरासी की हुल्लू (23) है। कार्रवाई के दौरान प्रभारी खुनुवा बीओपी रमेश कुमार, प्रभारी खुनुवा चौकी महेश सिंह, चौकी इंचार्ज मर्यादपुर (नेपाल) रमेश गुरुंग, अध्यक्ष प्रगति सेवा किसान समिति प्रमिला मिश्रा, अशोक कुमार मिश्र, निदेशक महिला रोजगार प्रशिक्षण केंद्र शोहरतगढ़ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे। इस संबंध में कमांडेंट एसएसबी जर्नादन प्रसाद मिश्र ने कहा कि भारतीय सीमा में नेपाल की दो महिलाएं व एक युवक को पकड़ कर नेपाल पुलिस के सुपुर्द किया गया। महिलाओं को कुवैत भेजने की तैयारी थी।