आजमगढ़। एनकाउंटर के मामले में जिले की पुलिस भले ही प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, लेकिन जघन्य और क्रूर अपराधियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने में पुलिस-प्रशासन प्रदेश में पहले स्थान पर है। पांच माह के भीतर एनएसए के तहत पुुलिस-परशासन सात कुकर्मी हत्यारोपी, शराब माफियाओं और पशु तस्करों को पाबंद करा चुकी है। अब यह अपराधी अधिकतम एक वर्ष तक जेल में ही रहेंगे। जिन अपराधियों के विरुद्ध एनएसए लगाया गया है, उनका क्षेत्र में आतंक रहा।
एनएसए के तहत की गई कार्रवाई पर गौर करें तो 18 अगस्त 2017 को पुलिस को पहली सफलता दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहन गांव निवासी रितेश सिंह पुत्र संतप्रकाश के विरुद्ध हुई कार्रवाई के रुप में मिली। रितेश रंजिश के चलते अपने गांव के रहने वाले दो बालकों को साथ कुकर्म किया। इसके बाद दोनों की हत्याकर लाश जमीन में गाड़ दिया था। यदि पुलिस रितेश पर नहीं सख्त होती तो शायद उसका अगला शिकार गांव का कोई और बालक हो गया होता। इसके बाद दूसरी सफलता अहरौला थाना क्षेत्र के चकमकसूदजहां गांव निवासी पशु तस्कर इरफान कुरैशी, शाहआलम उर्फ प्रधान और अब्दुलाह के रुप में मिली। इन तीनों पर 30 अगस्त को एनएसए लगा दिया गया। यह तीनों आरोपी पशुओं का बध करके मांस का पैकेट में घर-घर सप्लाई करते थे। चर्बी का घी बनाकर आसपास की दूकानों पर सप्लाई करवाकर पकवान बनवाने थे। पुलिस को तीसरी सफलता मुबारकपुर थाना क्षेत्र के केरमा गांव निवासी शराब माफिया मुलायम यादव उर्फ सुरेंद्र के रुप में मिली। मुलायम पर 30 अक्तूबर को और जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के करैला गांव निवासी शराब माफिया गनिका यादव पुत्र इंद्रदेव पर आठ नवंबर को और सातवीं कार्रवाई एक जनवरी को रौनापार थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी रामाश्रय साहनी के ऊपर हुई कार्रवाई के रुप में मिली।
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जिले के सात जघन्य अपराधियों पर अब तक एनएसए लगाया जा चुका है। जबकि अन्य के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। अब तक एनएसए के तहत की जाने वाली कार्रवाई के मामले में जिले की पुलिस प्रदेश में पहले स्थान पर है।
- नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण