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हत्या के मामले में पूर्व प्रमुख इसरार अहमद भेजे गए जेल

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आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव में शुक्रवार की सुबह लूट, हत्या के आरोपी मुनीब यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद मुख्य साजिशकर्ता रानी की सराय के पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं सपा नेता इसरार अहमद को गिरफ्तार कर लिया। गहन पूछताछ के बाद दूसरे दिन शनिवार की शाम को उनको जेल भेज दिया गया। तीन अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश में जुटी है। रानी की सराय थाने के बिट्ठलपुर गांव निवासी मुनीब यादव पेशेवर अपराधी था। शुक्रवार की सुबह अंधौरी वाले मकान के बरामदे में दो बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में मुनीब के भाई रामसहाय ने रानी की सराय ब्लाक के पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं सपा नेता इसरार अहमद को नामजद और तीन अज्ञात बदमाशों को आरोपित किया है। पुलिस केस दर्ज करने के बाद इसरार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी। दूसरे दिन शनिवार की शाम को उसका चालान कर दिया गया। उधर सीओसिटी इलामारन ने बताया कि अब तक जांच से पता चला कि पूर्व प्रमुख इसरार अहमद, मुनीब यादव सहित चार लोग ने रानी की सराय कस्बे से सटे एक बड़ा प्लॉट खरीदा था। मुनीब ने बगैर किसी को बताए अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी। इसी बात को लेकर इनमें तकरार थी। इसके अलावा करीब चार माह पूर्व मुनीब यादव ने अपने साथियों के साथ इसरार के रानी की सराय में स्थित ढाबे पर खाना खाया था। वहां भी बिल को लेकर विवाद हुआ था और ढाबे पर काम करने वालों ने मुनीब को मारपीट दिया था। इसरार ने बीच बचाव किया था। इस दौरान दोनों पक्ष एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। पुलिस इन दोनों बिंदुओं के अलावा मुनीब की अन्य रंजिशों को भी खंगाल रही है। सीओ ने बताया कि घटना को किराए के शूटरों ने अंजाम दिया है।
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लग्जरी वाहन से इसरार को लेकर कोर्ट पहुंची पुलिस
आजमगढ़। रानी की सराय ब्लाक के पूर्व प्रमुख एवं सपा नेता इसरार अहमद की गिरफ्तारी की सूचना पर पार्टी के लोग भी थाने पर जमे रहे। पुलिस के गतिविधियों की पल-पल की जानकारी से ऊपर तक अवगत करा रहे थे। शुक्रवार की सुबह मुनीब की हत्या के बाद केस दर्ज होने के बाद पूछताछ के लिए इसरार अहमद को थाने में बैठाया गया था। शुक्रवार की देर शाम सपा का प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिलने उनके आवास भी पहुंचा था। हालांकि यहां कोई विशेष वार्ता नहीं हो सकी। शाम करीब साढ़े चार बजे प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय केशव द्विवेदी थाने के अन्य दरोगा और सिपाहियों के साथ इसरार अहमद को उन्हीं की लग्जरी कार से लेकर कोर्ट रवाना हुए। कार इसरार अहमद की होने की वजह से समर्थक कुछ समझ नहीं पाए और पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर दिया। आरोपी को पुलिस जीप की बजाय उसके गाड़ी में किसी पार्टी का झंडा लगाकर अदालत में पेश करने के सवाल पर एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी को अदालत तक पहुंचाना पुलिस का काम है। इसके लिए वह कोई भी तरीका अपना सकती है।
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