भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने बुधवार को देश एवं प्रदेश में महंगाई, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था, दलित उत्पीड़न एवं बढ़ रही सांप्रदायिकता पर रोक न लगाने के विरोध में जुलूस निकाला। जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए रिक्शा स्टैंड पर पहुंच धरने में तब्दील हो गया। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलामंत्री श्रीकांत सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। देश में महंगाई आसमान पर है। आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है। मोदी का मेक इन इंडिया का नारा पूर्णतया फेल साबित हो रहा है। भाकपा राज्य परिषद के सदस्य रामहर्ष यादव ने कहा कि मोदी की सरकार में जहां सांप्रदायिकता बढ़ी है, जिससे शांति व सद्भाव को खतरा पहुंचा है।
वहीं देश में दलितों व अल्पसंख्यकों पर उत्पीड़न की घटनाएं आए दिन हो रही है और वे भय व आतंक के साए में जी रहे हैं। किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी है। जिसका सबूत स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट न लागू करना है। वहीं प्रदेश की सरकार आज तक पिछली दिनों हुई अतिवृष्टि एवं ओले से बर्बाद हुई फसल की मुआवजा नहीं दिया गया।
धरने को खरपत्तू राजभर, रामाज्ञा यादव, रामअजोर, गुलाब मौर्य, त्रिलोकी नाथ, जितेंद्र, हरिपांडेय, मास्टर बसीर, रामनेत, दुर्बली, मखडू, रामचंद्रर पटेल, श्यामा प्रसाद शर्मा, रामसूरत यादव आदि लोगों ने संबोधित किया। इस अवसर पर हरिगेन, मंगल देव, रामचंद्रर यादव, विश्राम सहित सैकड़ों कम्युनिस्ट मौजूद रहे।