आजमगढ़। प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण लू को देखते हुए डीएम रविंद्र कुमार ने जनता की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सुझावों में कहा गया है कि गर्म हवा को घर में प्रवेश करने से रोकने के लिए खिड़कियों को एलुमिनियम फॉइल, गत्ते या मोटे पर्दों से ढकें।
जिन खिड़कियों से दोपहर में गर्म हवा आती है, उन पर काले पर्दे लगाएं। जहां तक संभव हो, दिन के समय घर की निचली मंजिल पर रहें और बाहरी गर्मी से बचें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से जारी इस एडवाइजरी में लू से बचाव के उपाय, लक्षण और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई है।
डीएम ने आमजन से अपील की है कि लू से बचाव के सुरक्षात्मक उपायों को अपनाएं और खुद को सुरक्षित रखें। लक्षण पहचानें और सतर्क रहें: लू के सामान्य लक्षणों में लाल और सूखी त्वचा, पसीना न आना, तेज धड़कन, उल्टी, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति और अत्यधिक थकान शामिल हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा हो सकती है, इसलिए इन लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
पेय पदार्थों का सेवन करें, सिर ढककर निकलें बाहर: अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि घर में रहते हुए लस्सी, छांछ, बेल का शर्बत, नींबू पानी, आम पना, ओआरएस आदि का सेवन करें। बाहर निकलते समय शरीर और सिर को अच्छी तरह से ढकें और अत्यधिक गर्मी में निकलने से बचें।