सरकार ने खरीफ सीजन का न्यूनतम मूल्य जारी कर दिया है। पिछली बार की तुलना में इस बार धान के समर्थन मूल्य में सात प्रतिशत का वृद्धि करते हुए सरकार ने 143 रूपए की बढ़ोत्तरी की है। किसानों को प्रति क्विंटल की दर से 2183 रूपए का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा अरहर में 100 रूपए व मक्का में 128 रूपए की इस बार बढ़ोत्तरी हुई है। जिले के किसान इसे नाकाफी बताते हुए समर्थन मूल्य और बढ़ाने की बात कर रहे हैं। जिले के किसान खरीफ सीजन में मुख्य रूप से धान की ही खेती करते हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर अरहर व मक्का की खेती होती है। वर्ष 2023-24 में कृषि विभाग द्वारा 216934 हेक्टेयर में धान की रोपाई और 592899 एमटी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। धान की रोपाई के लिए नर्सरी डालने का काम किसानों ने शुरू कर दिया है लेकिन बृहस्पतिवार को जब उनको पता चला कि इस बार धान केे समर्थन मूल्य में 143 रूपए की ही बढ़ोत्तरी हुई है तो वह मायूस दिखे। उनका कहना था कि खेती में लागत बढ़ रही सरकार को उसी के हिसाब से समर्थन मूल्य तय करना चाहिए था जिसके कि किसानों को लागत का मूल्य निकल सके।