माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद भी एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश ओम प्रकाश वर्मा की अदालत में मजदूर हत्याकांड के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में मंगलवार को फिर सुनवाई होगी। न्यायालय ने कहा कि जब तक बांदा जेल अधीक्षक खुद आकर मुख्तार की मौत की रिपोर्ट नहीं देते हैं, तब तक सुनवाई चलती रहेगी।
तरवां थाना क्षेत्र के ऐराकला में सड़क के ठेके के विवाद को लेकर ठेकेदार पर फायरिंग के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी नामजद है। इस घटना में ठेकेदार तो बाल-बाल बच गया था लेकिन दो मजदूर घायल हो गए थे। इसमें एक की इलाज के दौरान वाराणसी में मौत हो गई थी। इस मामले में ठेकेदार ने तरवां थाने में माफिया मुख्तार अंसारी के साथ ही उसके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने विवेचना कर मामले में कुल 12 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश ओम प्रकाश वर्मा की अदालत में विचाराधीन है। इस मामले में सोमवार को विशेष लोक अभियोजक राधेश्याम मालवीय ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया कि मुख्तार अंसारी की मौत हो गई है। बांदा जेल अधीक्षक ने मजदूर हत्याकांड से संबंधित गैंगस्टर के मामले में आख्या भेजी है।