आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र के टड़वा खास गांव के पास से गुजरी बेसो नदी में डूब जाने से दंपति की मौत हो गई। घटना के समय दंपति अपनी गाय रिश्तेदारी में पहुंचाने जा रहे थे। इसके लिए उन्होंने शार्टकट रास्ता चुना जो उनके लिए जानलेवा साबित हो गया। दंपति जहां नदी में डूब गए तो वहीं गाय तैर कर नदी से निकली और घर पहुंच गई। गाय के वापस पहुंचने पर परिजन खोजते हुए पहुंचे तो नदी में दोनों का शव उतराया हुआ मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
तरवां थाना क्षेत्र के टड़वा खास गांव निवासी 45 वर्षीय पतिराज मौर्या पुत्र स्व. सोमारू गाय पाल रखा है। मंगलवार की सुबह वह अपनी पत्नी 42 वर्षीय विद्या देवी के साथ गाय को अपनी ससुराल पहुंचाने के लिए घर से निकला। विद्या देवी आगे गाय का पगहा पकड़ कर चल रही थी और पतिराज पीछे से गाय को हांक रहा था। पतिराज का ससुराल गांव के बगल से गुजरे बेसो नदी के पार बनगांव ग्राम में था। पुलिया से होकर जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ा। जिससे बचने के लिए दंपत्ति ने शार्ट कट रास्ता सोचा और गाय लेकर नदी पार करने की रणनीति बना ली। दोनों गाय के साथ नदी पार कर रहे थे। नदी की गहराई का अंदाजा नहीं मिलने के चलते आगे-आगे चल रही पत्नी विद्या देवी गहराई में पहुंचने पर डूबने लगी। जिसे गाय का पगहा भी उसके हाथ से छूट गया। पत्नी को डूबता देख पतिराज आगे बढ़ा और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन पत्नी के साथ ही वह नदी की गहराई में डूब गया। जबकि गाय तैर कर वापस घर पहुंच गई। गाय के वापस घर पहुंचने पर परिजनो ने दंपत्ति की खोजबीन शुरू किया। नदी के किनारे पहुंचने पर दोनों की लाश उतराई हुई मिली। कुछ ही देर में नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दोनों के शव बाहर निकलवा कर पीएम के लिए भेज दिया। मृत दंपत्ति एक पुत्र व पांच पुत्रियों के माता-पिता थे। पुत्र प्रमोद रोजीरोटी के लिए विदेश रहता है। दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है तो वहीं पुत्र प्रमोद व तीन अन्य पुत्रियां अविवाहित है। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।