लक्ष्मी के पास चौदह माह की बेटी भी है। लक्ष्मी ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया गया कि उसके साथ 2 फरवरी को पहनने के लिए आभूषण मांगने पर सास, ससुर, देवर, और ननद मिलकर मारपीट की और बाल पड़कर घसीटा और जान मारने की धमकी दी।
इससे भयभीत लक्ष्मी के द्वारा अपने मायके जौनपुर फोन कर परिजनों को बुलाया और वह अपने मायके जौनपुर चली गई। पुलिस अधीक्षक को परिजनों ने आरोप लगाते हुए दहेज मांगने मारपीट करने और शोषण करने का आरोप लगाते हुए पत्रक देकर कार्रवाई की मांग की।
एसपी के निर्देश पर रविवार को दोनों पक्षों को अहरौला थाने पर बुलाया गया था और काफी देर तक दोनों पक्षों में तालमेल बनाने के लिए कहा गया लेकिन दोनों पक्षों में कोई सामंजस्य नहीं हो पाया। बिना किसी निर्णय के ही दोनों पक्ष अपने-अपने घर चले गए और लड़की पक्ष के लोग पुनः जौनपुर लौट गए।
वहीं ससुर राजमणि गुप्ता ने बताया कि हम अपनी बहू को रखने के लिए तैयार हैं। बहू के द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उसने खुद अपने बहन और कुछ मायके के लोगों को बुलाकर विवाद खड़ा किया। इसके सारे वीडियो हमारे पास मौजूद हैं और खुद का सामान लेकर वह मायके चली गई।
यहां तक कि उसने 112 पर भी डायल करके मारपीट करने का आरोप लगाया था जबकि वह खुद अपने परिजनों के साथ चली गई है। अब वह दहेज मांगने और सीकड़ रखने का आरोप लगा रही है जो पूरी तरह से गलत है। बहू द्वारा रखी गई एक सीकड़ यहां थाने पर लेकर आया हूं जो लक्ष्मी के द्वारा अपना सीकड़ नहीं बताकर उसको डुप्लीकेट बताया जा रहा है। जबकि यही सीकड़ लक्ष्मी के द्वारा रखा गया है।
दोनों पक्षों को एसपी साहब के निर्देश पर थाने पर बुलाया गया था दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठ कर बात की गई है। दोनों पक्षों ने आपसी रजामंदी से विचार करने के लिए कुछ समय मांगा है, अगर पीड़िता सहमत नहीं होगी तो उसकी तरफ से ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। - अमित मिश्रा, थानाध्यक्ष अहरौला।