सामाजिक एवं आर्थिक न्याय, दलितों एवं पिछड़ों को आरक्षण, बेरोजगारी, दोहरी शिक्षा प्रणाली, शिक्षा का व्यवसायीकरण, राजनीति का अपराधीकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर रविवार को सामाजिक न्याय मोर्चा की ओर से सामाजिक न्याय सम्मेलन का आयोजन रविवार को नेहरू हाल में हुआ। वक्ताओं ने कहा कि देश आज भी पूंजीवादी व्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है।
मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति सभाजीत यादव ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद देश समाजवादी व्यवस्था की तरफ न बढ़कर पूंजीवादी व्यवस्था की तरफ बढ़ता जा रहा है। देश की 95 प्रतिशत चल और अचल संपत्ति पर मात्र 10 प्रतिशत लोगों का कब्जा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। गरीब जरूरतमंद, असहाय व्यक्ति उपेक्षित जीवन जीने का मजबूर हैं। जीएसटी लगने के बाद देश के मध्य वर्ग के लोगों और गरीबों की आय में गिरावट देखने को मिली है। अध्यक्षीय संबोधन में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने कहा कि जब तक देश में समान शिक्षा लागू नहीं की जाती, तब तक संविधान में सभी लोगों को अवसर की बात करना निरर्थक है।
संयोजक सामाजिक न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि दलिता व पिछड़ों का वर्तमान अब तक इन वर्गों की समस्याओं के निदान में सरकार फिलहाल विफल रही है।
सम्मेलन को रामकृष्ण यादव पूर्व सांसद, बलिहारी बाबू पूर्व सांसद, दलसिंगार यादव, राजित प्रसाद यादव, राम नारायण कुशवाहा, उमैर सिद्दकी, प्रेम प्रकाश यादव, शिव गोविन्द यादव, चन्द्र सिंह यादव, हकीम बेग, नरेन्द्र नाथ यादव, चन्दर्रभूषण सिंह यादव ने भी संबोधित किया। इस मौके पर केके यादव, तेज बहादुर यादव, रामबदन यादव, राजेश यादव, देवमुन्नी राजभर, राजेन्द्र प्रसाद यादव, अविनाश यादव, राजेश यादव, दयाराम यादव, रत्नेश गौड़, नित्यानन्द यादव, महेन्द्र यादव मौजूद रहे।