आजमगढ़। जनपद की एक मात्र चीनी मिल का गन्ना पराई सत्र का एक माह का समय पूरा हो चुका है। एक माह बीतने के बाद भी अभी लक्ष्य के सापेक्ष 13 फीसदी पेराई ही हो सकी है।
अभी तक 8.35 फीसदी रिकवरी की दर से 45355 कुंतल चीनी बनाई जा चुकी है। 6. 66 लाख कुंतल गन्ना पेराई हो चुकी है, जबकि सत्र में 40 लाख कुंतल गन्ना पेराई कर 10 फीसदी परता दर से चीनी बनाने का लक्ष्य था। वहीं, किसानों का 29 नवंबर तक का भुगतान किया जा चुका है।
जनपद की इकलौती औद्योगिक ईकाई द किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव उत्पादकता लक्ष्य से कोसों दूर है। 8.35 फसदी रिकवरी दर से अब तक 45355 कुंतल चीनी बनाकर प्रबंधन भले ही अपनी पीठ थपथपा रहा है, लेकिन उदघाटन के दौरान 10 फीसदी परता दर का लक्ष्य रखा गया था।
पेराई सत्र का उदघाटन 16 नवंबर को हुआ था। प्रबंधन की ओर से 40 लाख कुंतल गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। एक माह में 6. 66 लाख कुंतल गन्ना पेराई की जा सकी है। प्रधान प्रंबधक वीके अबरोल ने बताया कि 29 नवंबर तक किसानों के क्रय किए गए गन्ने का भुगतान 6. 82 करोड़ रुपया बैंक के माध्यम से किसानों के खाते में भेजा जा चुका है।
नो केन और तकनीकि फाल्ट से 24 दिन के भीतर मिल आठ फसदी की दर से बंद रही है। बीते पेराई सत्र के दौरान मिल ने 24. 36 लाख कुंतल गन्ना पेराई कर 2. 15 लाख कुंतल चीनी 8.9 फीसदी परता दर से बनाई थी।