फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

31 मई तक बढ़ाई गई कोरोना कर्फ्यू की समय सीमा

विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम राजेश कुमार ने बताया कि उप्र शासन द्वारा पूर्व से लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को 31 मई की सुबह सात बजे तक लागू रखे जाने का निर्णय लिया गया है। कर्फ्यू के दौरान जनपद आजमगढ़ की सीमा के अंदर कतिपय निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत जनसामान्य व उनके वाहनों का आवागमन या जन सामान्य का घर से निकलना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित रहेगा। जनपद में समस्त प्रकार के सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक उत्सव, अन्य प्रकार की भीड़ इकट्ठी करना तथा सभायें करना प्रतिबंधित किया जाता है। जनपद में समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान, शापिंग कांप्लेक्स, रेस्टोरंट एवं बार, खेल कांप्लेक्स, जिम, स्पा, स्वीमिंग पूल और धार्मिक स्थान बंद रहेंगे। समस्त आवश्यक स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय सेवायें यथा मेडिकल स्टोर्स, सर्जिकल स्टोर्स, मेडिकल जांच करने वाली लैब्स, सैंपल, ब्लड कलेक्शन सेंटर्स व उनके कार्यालय, सरकारी व निजी अस्पताल, मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले क्लीनिक, एंबुलेंस, अस्पतालों को की जाने वाली सप्लाई में लगे वाहन व सप्लाई चेन से सम्बंधित गतिविधियां, आपात चिकित्सा वाले व्यक्ति व उनके तीमारदारों का आवागमन तथा अन्य चिकित्सीय सेवाएं इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी। आवश्यक वस्तुएं जैसे सब्जी, फल, भोजन सामग्री, अनाज व गल्ले की रिटेल दुकानें तथा दूध, ब्रेड, बेकरी के आउटलेट्स पूर्वान्ह 11 बजे तक सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन तथा सैनिटाइजर व मास्क की अनिवार्यता के साथ ही संचालित किए जाएंगे। जनपद के समस्त आबकारी की दुकानें सुबह 10 बजे से अपरान्ह छह बजे तक खुलेंगी। समस्त कार्यालय सरकारी एवं निजी दोनों अपने अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्य करेंगे। बीज व खाद की दुकान, कोटे की उचित दर की दुकान तथा गेहूं क्रय केंद्र इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। कर्फ्यू अवधि में कीटनाशक दवाओं तथा कृषि यंत्रों की दुकानें खुली रखने की अनुमति होगी। मंडियों से होने वाला थोक व्यापार अपने निर्धारित समय से शुरू होकर पूर्वान्ह 11 बजे तक संचालित होगा। यह आदेश जनपद की संपूर्ण सीमा में तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इस आदेश का उल्लघंन महामारी अधिनियम-1897, उप्र कोविड-19 विनियमावली-2020 तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 में दिए गए प्राविधानों के तहत दंडनीय अपराध के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा-188 के तहत भी दंडनीय अपराध होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें