पड़ोसी की हत्या के मामले में सजा काट रहे कैदी को कोरोना वायरस की वजह से पैरोल पर छोड़ा गया था। वह क्वारंटीन के बाद 16 अप्रैल को घर पहुंचा था। रविवार की सुबह तबीयत खराब खराब होने पर उसे डाक्टर के यहां ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच में ही उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रभुनाथ साहनी (56) आजमगढ़ जिले के रौनापार थाने के शाहडीह गांव का निवासी था और 25 दिन पूर्व वह पैरोल पर जेल से छूटा था। उसको तीन अप्रैल को नवनीत कालेज बघावर में क्वारंटीन किया गया था। डा. देवानंद यादव चिकित्सा प्रभारी हरैया ने बताया कि 16 अप्रैल को उसे यहां से छोड़ दिया गया था। रविवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
उसे शुगर की बीमारी थी। प्रभुनाथ साहनी के दो लड़के हैं। दोनों बाहर रहते हैं। उसकी पत्नी तारा देवी ने थाने में तहरीर दी है। प्रभुनाथ को तीन साल की सजा हुई थी। इसमें ढाई साल की सजा उसने पूरी कर ली थी। प्रभुनाथ गैर इरादतन हत्या का आरोपी थी। थानाध्यक्ष रौनापार राजकुमार सिंह ने बताया कि कैदी की पत्नी तारा की तहरीर पर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई है।