विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नए कलेक्ट्रेट में विधानसभावार कंट्रोल रूम खोले गए हैं। यह व्यवस्था आम मतदाताओं, प्रत्याशियों की सहूलियत के लिए की गई है लेकिन कंट्रोल रूम में जमीन और कोटे की दूकान का विवाद, शिक्षकों और कर्मचारियों की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। कुल 176 शिकायतें दर्ज कराई गईं है, जिनमें चुनाव से जुड़ी सिर्फ 46 और 130 शिकायतें अलग-अलग विवादों को लेकर हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता की घोषणा होने के साथ ही जिला प्रशासन निष्पक्ष चुनाव कराने की तैयारी में जुट गया है। इसी क्रम में मतदाताओं की सहूलियत के लिए जिला कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम खोला गया है। यहां जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र सदर, मुबारकपुर, सगड़ी, गोपालपुर, अतरौलिया, फूलपुर-पवई, दीदारगंज, लालगंज, मेंहनगर, निजामाबाद के लिए अलग-अलग फोन नंबर जारी किए गए हैं।
क्षेत्र की जनता से अपील की गई है कि वह अपने-अपने क्षेत्र की चुनाव से जुड़ी शिकायतें कर सकते हैं। संबंधित अधिकारियों के जरिए उसका निस्तारण कराया जाएगा। चार जनवरी से खोले गए चुनाव कंट्रोल रुम में बुधवार तक कुल 176 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमें 12 मामलों की शिकायत संबंधित ने फोन कर की गई है। शेष 164 शिकायतें निर्वाचन विभाग के समाधान एप के जरिए की गई हैं। इन शिकायतों में 46 मामले चुनाव से जुड़े हैं।
इसमें ज्यादातर लोगों को वोटर आईडी, बूथ दूर होने, बूथ पर पहुंचने का रास्ता ठीक न होने की बात कही गई है। जबकि 130 लोगों ने जमीन विवाद के निस्तारण, जमीन पर अवैध निर्माण, कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता, काफी दिनों से लेखपाल, सेक्रेटरी, सिपाही, शिक्षामित्र या अध्यापकों को वर्षों से एक ही स्थान पर जमे रहने और मारपीट की शिकायतें की जा रही हैं। चुनाव कार्यालय में तैनात अधिकारियों की मानें तो जनता पांच वर्ष तक ऐसी समस्याओं से जूझती रही और अधिकारियों के यहां शिकायत कर उसका निस्तारण कराते रहे लेकिन अब चुनाव के मौसम में भी ऐसे मामलों से पीछा नहीं छूट रहा है।