आजमगढ़ में शक्तिपीठ के रूप में पूजित मां पाल्हमेश्वरी धाम के सुंदरीकरण का कार्य एक करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से शुरू हुआ। लेकिन आज ठेकेदार आधा अधूरा कार्य कराकर फरार है। यहां बनाए गए शौचालय में ताला बंद है फिर भी इसमें लगे काफी सामान चोरी हो गए हैं।
पल्हना क्षेत्रवासियों द्वारा काफी पहले से जिले में शक्तिपीठ के रूप में पूजित प्रमुख धार्मिक स्थल मां पाल्हमेश्वरी धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग अनेक नेताओं से की गई। लेकिन इसका विकास पर्यटन स्थल के रूप में नहीं हो सका। सात साल पूर्व लालगंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद नीलम सोनकर के प्रयास से तत्कालीन पर्यटन मंत्री भारत सरकार महेश शर्मा द्वारा मां परमेश्वरी धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एक करोड़ 25 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। इस पैसे में ठेकेदार द्वारा मां के पोखरे पर उत्तर और दक्षिण तरफ आधी दूरी से सीढ़ियां बनाई गई। पश्चिम तरफ पूरी सीढ़ी बनाई गई पर इसमें नीचे वाली अर्थात तल की तीन सीढ़ीयां ठेकेदार द्वारा आज तक नहीं बनाई गई। इसमें कुल 180 मीटर सीढ़ी बनानी थी। इस पैसे में ठेकेदार द्वारा एक शौचालय भी बनवाया गया तथा समरसेबल लगवाया गया। लेकिन यह शौचालय आज तक चालू नहीं हुआ। शौचालय में लगे पंखे, एमसीबी बोर्ड चोर उखाड़ ले गए। इतना ही नहीं इसमें लगी खिड़कियों का शीशा भी टूट गया। शौचालय की चाबी कहां है किसी को पता नहीं। ठेकेदार द्वारा मां पाल्हमेश्वरी धाम मंदिर परिसर में पानी के लिए एक आरओ मशीन भी लगाई गई और अब जाकर 25 सोलर लाइट लगाई गई हैं। इतना कार्य करने के बाद ठेकेदार गायब हो गया है।
पोखरे के पश्चिमी सिरे पर जिधर शौचालय बना है उसी तरफ ठेकेदार द्वारा घास और फूल भी लगाया गया था। जो अब खत्म हो गया है। ठेकेदार एक करोड़ 25 लाख रुपए में बस इतना ही कार्य कराकर गायब हो गया और पैसे का बंदरबांट हो गया जिससे मां के धाम का संपूर्ण विकास नहीं हो पाया।
राधेश्याम मिश्रा, मंदिर के पंडा।