आजमगढ़। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने सोमवार को तीनों जनपदों के अफसरों संग समीक्षा बैठक की। जिसमें कृषि, गन्ना, उद्यान, मत्स्य व पशुपालन आदि विभागों के कार्यों की प्रगति समीक्षा की। साधन सहकारी समितियों द्वारा किसानों को विलंब से उर्वरक उपलब्ध कराने की शिकायत पर उन्होंने ने मऊ, बलिया और आजमगढ़ के एआर कोआपरेटिव को सख्त निर्देश दिए। कहा कि साधन सहकारी समितियों के कार्यों की निरंतर मानीटरिंग की जाए। साथ ही किसानों को समय से उर्वरक आदि उपलब्ध करा दिने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दियाकि मृदा परीक्षण के परिणाम के अनुसार ही निर्धारित मात्रा में किसानों को उर्वरकों, रसायनों के प्रयोग हेतु जागरुक करें। जिससे उनकी उर्वरा शक्ति को नुक्सान पहुंचने से बचाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंन मंडल के तीनों जिले में सहकारी समितियों के साथ ही प्राइवेट खाद विक्रेताओं की भी जॉंच कराने के निर्देश दिए। जिससे किसी भी दशा में ओवर रेटिंग न हो सके।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिन किसानों के नाम, आधार और बैंक खाते मिसमैच हो रहे हैं उसके सत्यापन की कार्रवाई में तेजी लाई जाए। कमिश्नर ने गन्ना भुगतान एवं गन्ना उत्पादन की समीक्षा के दौरान पाया कि आजमगढ़ में 80.29 प्रतिशत, मऊ में 62.01 प्रतिशत एवं बलिया में 55.04 प्रतिशत किसानों को गन्ना भुगतान किया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि शेष किसानों के भुगतान की कार्रवाई में तत्परता से अग्रेतर कार्रवाई की जाए। संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह, जीएम चीनी मिल सठियॉंव प्रताप नारायण, अपर निदेशक पशुपालन डा. अशोक सिंह, उप निदेशक मत्स्य एसके वर्मा, उप निदेशक उद्यान मनोहर सिंह, उप निदेशक सिंचाई एवं जल संसाधन मोती राम, तीनों जनपद के उप निदेशक कृषि रक्षा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।