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नकल कराने के नाम पर वसूली की शिकायत खारिज, फिर भी हटाए गए केंद्र व्यवस्थापक

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आजमगढ़। मुख्यमंत्री के ट्विटर अकाउंट पर एक विद्यालय के खिलाफ छात्रों से नकल कराने के नाम पर पैसा मांगने की शिकायत में आरोप पुष्ट नहीं हुई है। इसके बाद भी केंद्र व्यवस्थापक को हटा दिया गया है। वहीं डीएम के निर्देश पर उक्त विद्यालय पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती भी कर दी गई है।
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मुख्यमंत्री के ट्विटर अकाउंट पर पल्हना-तरवां क्षेत्र के मां शारदा इंटर कालेज सिंहपुर सरैया के खिलाफ शिकायत हुई थी। आरोप लगा था कि केंद्र व्यवस्थापक/प्रधानाचार्य बोर्ड परीक्षा में नकल कराने के नाम पर ढाई हजार रुपये की डिमांड छात्रों से कर रहे है। शिकायत में साफ-साफ लिखा गया है कि प्रधानाचार्य ने छात्रों से कहा है कि यहां नकल की पूरी छूट है। चाहे नकल करें या न करें लेकिन ढाई हजार रुपये 25 फरवरी तक अवश्य जमा कर दें, अन्यथा की स्थिति में प्रवेश पत्र छीन लिया जायेगा। शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने डीआईओएस को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट मांगी। दो सदस्यी टीम बनी में रमाशंकर यादव प्रधानाध्यापक राजकीय उमावि सरायपल व फरीद अहमद प्रधानध्यापक राजकीय उमावि मित्तूपुर को शामिल किया गया। 19 फरवरी को टीम ने विद्यालय पहुंच कर आसपास के चार छात्रों, विद्यालय के प्रधानाचार्य व उन विद्यालयों के प्रधानाचार्यो से बात की गई जिनका सेंटर इस विद्यालय पर आया हुआ था। कहीं से भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई। गुरुवार को डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा भी विद्यालय पर पहुंचे और जानकारी ली। इस दौरान आरोप गलत निकले। इस पर डीआईओएस ने शिकायत की पुष्टि न होने की बात कहते हुए आख्या शिक्षा निदेशक माध्यमिक को प्रेषित कर दिया। आरोप की पुष्टि न होने के बाद भी विद्यालय के केंद्र व्यवस्थापक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया और उनके स्थान पर एडेड विद्यालय सीबी इंटर कालेज तरवां के प्रवक्ता राजेश सिंह को वहां का केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया। इसके साथ ही डीएम के निर्देश पर उक्त परीक्षा केंद्र पर सहायक विकास अधिकारी पल्हना राजकुमार बत्रा को बतौर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात कर दिया गया।
सीएम से हुइ शिकायत की पहले दो सदस्यी टीम से जांच करायी गई। उसके बाद मैं स्वयं मौके पर पहुंच कर छात्रों से जानकारी लिया। किसी ने भी पैसे के डिमांड की बात स्वीकार नहीं किया। शिकायतकर्ता भी विद्यालय चलाता है और उसका इस विद्यालय के प्रबंधक से विवाद है, जिसके चलते ही उसने फर्जी शिकायत किया है। सीएम से जुड़ा मामला होने के चलते केंद्र व्यवस्थापक को हटा दिया गया है और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। - डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़।
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