शहीद रामाश्रय यादव के शहादत दिवस पर पल्थी बाजार स्थित शहीद पार्क में बुधवार को समारोह का आयोजन कर रामाश्रय यादव को श्रद्घांजलि दी गई। इस दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा को शहीद पार्क और द्वार का लोकार्पण करना था लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
बताते चलें कि स्व. रामाश्रय यादव दीदारगंज थाना क्षेत्र के हड़वां हर्ष नगर गांव में सात मार्च 1959 को पैदा हुए थे। प्राथमिक और उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद 1986 में यह प्रांतीय न्यायिक सेवा में चयनित होकर बाराबंकी जनपद में मुंसफ मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हुए। 1987 में प्रांतीय पुलिस सेवा में नौकरी ज्वाइन की।
इनकी प्रथम नियुक्ति क्षेत्राधिकारी के पद पर फरूखाबाद में हुई। इस पद पर रहते हुए उन्होंने दस्यू उंमूलन में सराहनीय कार्य किया। उनके इस कार्य को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 1991 में नैनीताल में आतंकवाद उन्मूलन दस्ते का इंचार्ज बना दिया। नैनीताल में क्षेत्राधिकारी बाजपुर के पद पर रहते हुए 23 सितंबर 1992 को यह आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में शहीद हो गए।
मुख्य अतिथि रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि स्व. यादव एक महत्वाकांक्षी, परिश्रमी और ईमानदार पुलिस अधिकारी थे। आज ऐसे लोगों की देश को जरूरत है। शहीद रामाश्रय यादव के पिता रामकेवल यादव ने कहा कि आज पल्थी बाजार में शहीद पार्क का लोकार्पण होना था, जो आचार संहिता के कारण नहीं हो सका। चुनाव बाद लोकार्पण किया जाएगा। मौके पर यमुना तिवारी, लईक अहमद, रामपलट यादव, भानू यादव, रामाश्रय चौहान, रामअचल यादव आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता अशोक सिंह और संचालन अभिमन्यु यादव ने किया।