आजमगढ़। फर्जी पासपोर्ट मामले में एक कंप्यूटर संचालक को गिरफ्तार करने का दावा रविवार को पुलिस ने किया। अफगानी का फर्जी डॉक्यूमेंट इसी के यहां से बनाए जाने की बात कही जा रही है। शुरूआत में ही पुलिस ने इस कंप्यूटर संचालक को उठाया था और पूछताछ कर बाद में छोड़ दिया था। वहीं अब इसके निजामाबाद कस्बा स्थित दुकान पर छापेमारी कर गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
जिले का निवासी बन दो अफगानियों ने भारतीय पासपोर्ट बनवाने का प्रयास किया था। इसमें एक का पासपोर्ट बन गया था वहीं दूसरे का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में मामला फंस गया। दूसरे अफगानी आबिदउल्लाह को वाराणसी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जिले में वाराणसी पुलिस ने अफगानी से पूछताछ के आधार पर धरपकड़ शुरू की। जिसमें साहबे आलम समेत कई लोगों को उठाया गया। बाद में सिर्फ साहबे आलम के गिरफ्तारी की ही पुष्टि की गई। वहीं जनपद पुलिस दूसरे अफगानी करमतुल्लाह को कोलकाता से गिरफ्तार किया जिसे फूलपुर से गिरफ्तार बताया गया। जनपद पुलिस ने उस दौरान इन अफगानियों का फर्जी डॉक्यूमेंट बनाने के मामले में दो कंप्यूटर संचालकों को पूछताछ के लिए उठाया था। लगातार पूछे जाने पर पुलिस यह नहीं बता रही थी कि किसे उठाया गया है। दो-तीन दिनों बाद यह जानकारी दी गई कि पूछताछ के लिए उठाए गए कंप्यूटर संचालकों को छोड़ दिया गया। रविवार को पुलिस विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर निजामाबाद कस्बा से एक कंप्यूटर सेंटर पर छापेमारी कर संचालक मनोज पांडेय पुत्र श्रीकांत पांडेय निवासी शेखपुरा थाना निजामाबाद को गिरफ्तार करने का दावा किया। इसके पास से दो लैपटॉप, एक फिंगर स्कैनर, एक आई स्कैनर, एक प्रिंटर आदि बरामद किया गया है। पुलिस ने इसका धारा 419, 420, 467,468,471 भादवि व 14 विदेशी अधिनियम और 12 पासपोर्ट अधिनियम में चालान किया है। पूर्व में पूछताछ के लिए उठाए गए दो कंप्यूटर सेंटर संचालकों में मनोज पांडेय भी शामिल था।