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कलेक्ट्रेट के छह कर्मचारी सेवामुक्त

Thu, 22 Dec 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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डीएम कार्यालय के सभागार में चुनाव को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी सुहास एलवाई।
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 विनियमितीकरण की मांग की जांच को लेकर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कलेक्ट्रेट के छह कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया। अस्थायी रूप से सेवा दे रहे कर्मचारियों ने हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट की भी शरण ली थी। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद जिलाधिकारी ने चार अधिकारियों की कमेटी की रिपोर्ट पर इन छह कर्मचारियों को सेवामुक्त किया। इससे उनमें हड़कंप मच गया है।
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   बताते चलें कि वर्ष 1991 से 1995 के बीच कलेक्ट्रेट में छह कर्मचारियों सुदामा यादव, हरिदर्शन यादव, राधेश्याम श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र, रामाज्ञा राम और अजय श्रीवास्तव को अस्थायी तौर पर तैनाती की गई। कुछ वर्षों के बाद ही शासन ने इनकी सेवा की मियाद पूरी हो गई। शासन के इस फैसले के खिलाफ इन लोगों ने हाईकोर्ट में अपील की। तब 1995 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने हाईकोर्ट का फैसला आने तक इन लोगों को कार्य करने की अनुमति प्रदान की लेकिन हाईकोर्ट ने इनकी अपील को खारिज कर दिया। इन लोगों ने दोबारा हाईकोर्ट में अपील की लेकिन हाईकोर्ट ने अपील को दोबारा खारिज कर दिया। तब इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की।

सुप्रीम कोर्ट से भी इनकी अपील खारिज हो गई। अपील खारिज होने के बाद इन्होंने विनियमितिकरण के लिए प्रार्थना पत्र दिया। तब इस मामले में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। जिसमें एडीएम प्रशासनपीपी सिंह, एडीएम वित्त बीके गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा और डीडीसी ऋतु सुहास को शामिल किया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने गुरुवार को इन सभी छह कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया। सेवामुक्त कर्मचारियों में सुदामा राम वर्तमान में मुख्य राजस्व अधिकारी के पेशकार, हरिदर्शन यादव अपर तहसीलदार सदर के पेशकार, सुभाष चंद्र अतिरिक्त अधिकारी के पेशकार, अजय श्रीवास्तव फौजदारी अहलमद डीएम कार्यालय के पद पर कार्य कर रहे थे। वहीं राधेश्याम श्रीवास्तव और रामाज्ञा राम लिपिक के पद पर तैनात थे।  
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