कांनफ्रेंसिग में उपस्थित रहे आलाधिकारी।
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आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए एनआईसी परिसर में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने शिकायत पोर्टल पर अपलोड होने वाली शिकायतों का अपेक्षित निस्तारण नहीं होने पर नाराजगी जताई और अफसरों को चेताया। मुख्यमंत्री ने शिकायतों का समयबद्घ और गुणवत्ता युक्त निस्तारण करने का निर्देश दिया।
तहसील दिवस और जनसुनवाई में आने वाले मामलों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में जिन 10 जनपदों में सबसे ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उनमें वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ के साथ आजमगढ़ जनपद भी शामिल है। मुख्यमंत्री की ओर से दस तरह की शिकायतों का चुनाव किया गया था।
जिससे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को वीडियो कांफ्रेंसिंग में बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से इन विवादों के निस्तारण की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इन शिकायतों के गुणवत्ता और समयबद्घ तरीके से निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 दिन का समय निर्धारित है।
इसलिए आपके पास जो भी शिकायतें आ रही हैं। उनका समय पर निस्तारण करें। अगर कोई शिकायतकर्ता आपके पास बार-बार शिकायत लेकर आ रहा है और उसकी समस्या का निस्तारण आपके स्तर से न होने लायक हो तो उसका उचित मार्गदर्शन करें। अधिकारी मौके पर जाकर वादों का निस्तारण करें इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरतें। इस दौरान उन्होंने जनपद में सरकारी जमीनों पर हुए कब्जे की भी समीक्षा की। निर्देशित किया कि हर हाल में सरकारी जमीनों से कब्जे को हटाया जाए।
इस मौके पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एसपी अजय कुमार साहनी, सीडीओ अभिषेक सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने 30 जून तक आई शिकायतों के निस्तारण के लिए 31 जुलाई तक समय निर्धारित किया। साथ ही कहा कि शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 दिन का समय निर्धारित है इसलिए समय पर ही इनका निस्तारण होना चाहिए।