आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह सर्वेक्षण 14 अगस्त तक चलेगा, इसमें जिले के चयनित गांवों में सफाई व्यवस्था का गहन मूल्यांकन किया जाएगा।
सर्वेक्षण के लिए कर्मियों को आवश्यक जानकारियां दी गई हैं। सर्वेक्षण के लिए प्रशिक्षित कर्मियों को विभिन्न मापदंडों की जानकारी दी गई है, जिनके आधार पर राष्ट्रीय रैंकिंग तय की जाएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव ने जिले के सभी 22 ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक चयनित गांव में पांच सार्वजनिक स्थलों विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत कार्यालय और हाट व बाजार में स्वच्छता की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के पहले चरण में खुले में शौच समाप्त करने पर जोर दिया गया था। इस बार दूसरे चरण में खुले में शौच मुक्ति की स्थिरता बनाए रखने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लागू करके संपूर्ण स्वच्छता की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। सर्वेक्षण में ओडीएफ प्लस मॉडर्न सत्यापित गांव का डेस्कटॉप सत्यापन भी कराया जाएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण में 1000 अंक हैं।
इसमें गांवों की स्वच्छता स्थिति पर 540 अंक, संयंत्रों की कार्य क्षमता के प्रत्यक्ष अवलोकन पर 120, नागरिक प्रतिक्रिया पर 100 अंक व सेवा स्तर की प्रगति के आकलन पर 240 अंक निर्धारित किए गए हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण के दौरान सेवा स्तरीय प्रगति की निगरानी, प्रत्यक्ष निरीक्षण, विकासखंड स्तर की इकाइयों के आकलन के साथ ही नागरिकों से फीडबैक लिया जाएगा।