आजमगढ़। प्राइमरी स्कूल में सत्र शुरू हुए 47 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक यूनीफार्म के पैसे अभिभावकों के खाते नहीं पहुंचे हैं। कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों की यूनीफार्म, स्वेटर, जूते, मोजे व स्टेशनरी के प्रति छात्र 1200 रुपये अभिभावकों के खाते में आने हैं।
जिले में 2706 परिषदीय विद्यालयों में करीब दो लाख 73 हजार 957 बच्चों का नामांकन है। नए सत्र के संचालन के बाद से लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों को डीबीटी की धनराशि का इंतजार था, ताकि वे इस धनराशि से बच्चों के लिए ड्रेस, जूता-मोजा आदि सामग्री खरीद सकें। यदि पिछले सत्र की बात करें तो करीब तीन लाख 60 हजार बच्चों का पंजीकरण था। इनमे से करीब 20 हजार बच्चों का आधार नहीं बने थे। इसके कारण बच्चों के अभिभावकों के खाते में अभी तक डीबीटी का पैसा नहीं मिला है। वहीं, इस बार कुल दो लाख 73 हजार 957 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसमें दो लाख 35 हजार 208 बच्चों का आधार सत्यापन किया गया है। दो हजार 130 बच्चों का सत्यापन नहीं हो सका है। जबकि 32 हजार 347 बच्चों का आधार ही नहीं बना है। वहीं, दो लाख 64 हजार 750 अभिभावकों का आधार सत्यापन हो चुका है। जबकि 851 अभिभावकों का आधार सत्यापन नहीं हो सका। ऐसे में इस योजना के लाभ के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि जिन बच्चों का आधार नहीं बना है, उन बच्चों का आधार बनाने के लिए कैंप लगाने के लिए कहा गया है। इससे बच्चों का आधार बन सकेगा और उन्हें विभाग की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।