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शिक्षा से वंचित नहीं होंगे श्रमिकों के बच्चे

Wed, 18 Mar 2015 11:51 PM IST
अंबुज राय, आजमगढ़
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श्रमिकों के बच्चों को आठवीं तक की शिक्षा देने के लिए की कवायद में श्रम विभाग जुटा हुआ है। इसके लिए आजमगढ़ समेत प्रदेश के 12 जिलों में आवासीय विद्यालय खोलने की योजना बनाई गई है। निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के बच्चों को इस आवासीय विद्यालय में जूनियर हाईस्कूल तक की शिक्षा दी जाएगी।
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बता दें कि सूबे में निर्माण करने वाले तमाम श्रमिकों की आमदनी इतनी नहीं होती कि वह अपने बच्चों को पढ़ा लिखा सकें। तमाम श्रमिक ऐसे हैं, जो निर्माण कार्य स्थल पर ही बच्चों को भी रखते हैं। सरकार भी मानती है कि आर्थिक तंगी के कारण ही यह श्रमिक अपने बच्चों को नहीं पढ़ा पाते।

इसीलिए श्रम विभाग ने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 की धारा 12 के तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने का फैसला किया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव श्रम विभाग द्वारा जनपद के जिलाधिकारी को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
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जैसे ही भूमि मिल जाती है, विद्यालय का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस विद्यालय में चार पूर्णकालिक और तीन अंशकालिक शिक्षक, एक वार्डेन, एक लेखाकार, चार चौकीदार, चपरासी, एक मुख्य रसोइया और एक सहायक रसोइया की तैनाती की जाएगी। विद्यालय भवन में पांच कमरों के साथ ही तीन शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी। इन विद्यालयों का संचालन निजी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा कवायद शुरू कर दी गई है।

शासन द्वारा इस योजना के लिए एनजीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी टीम हमसे पंजीकृत श्रमिकों की लिस्ट लेकर उसका सर्वेक्षण करेगी। उसके बाद बच्चों को लाकर विद्यालय में एडमिशन कराएगी। बच्चों की देखरेख, पढ़ाई और खाने की पूरी जिम्मेदारी एनजीओ की होगी। इस विद्यालय में छह वर्ष से ऊपर के ही बच्चों को ही लिया जाएगा। -  एमएल चौधरी, उपश्रमायुक्त
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