आजमगढ़। अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने के बाद भी स्कूल संचालक गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। वे अनफिट स्कूली वाहनों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। ऐसे में घर से स्कूल और स्कूल से घर तक बच्चे मौत का सफर तय करने को मजूबर हैं। हालांकि अफसर कार्रवाई की दलील दे रहे हैं, लेकिन इन बसों की हो रहीं दुर्घटनाएं नाकामी की हकीकत उजागर कर रही हैं। ऐसे में शिक्षा पाने के लिए बच्चों का बचपन दांव पर लगा है। अगर आप स्कूली वाहन से अपने बच्चे को स्कूल भेज रहे हैं, तो सावधान हो जाइये, क्यों कि स्कूली वाहनों ने नौनिहालों की जान से खेलने का पूरा बंदोबस्त कर रहा है। इसमें स्कूली वाहन स्वामी ही नहीं परिवहन विभाग के अधिकारी भी बराबर के ही जिम्मेदार हैं। ऐसे में अनफिट स्कूली वाहन बच्चों को ढोकर हादसों को दावत दे रहे हैं। शासन से स्कूली वाहनों के जांच का आदेश मिलने के बाद सक्रिय हुए संभागीय परिवहन विभाग ने शनिवार को जब सूची निकलवाई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। जिले में कुल करीब 1853 वाहन स्कूली वाहन के नाम से पंजीकृत हैं। इसमें 778 वाहन अनफिट पाए गए। बावजूद इसके इन वाहनों से बच्चों को स्कूल लाने और घर छोड़ने में लगाया गया था। बच्चों के अभिभावकों को भी इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, जबकि किराए का पूरा पैसा स्कूल द्वारा वसूला जाता है। ऐसे में सीधे तौर पर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा था।
स्कूली वाहनों के ये हैं कुछ मानक
- बस की खिड़की पर जाली लगी होनी चाहिए।
- स्कूल बैग रखने की व्यवस्था होनी चाहिए।
- चालक का केबिन अलग होना चाहिए।
- चालक और बच्चों को चढ़ाने-उतारने के लिए परिचालक वर्दी में हों।
- बस के आगे-पीछे चालक, परिचालक व स्कूल प्रबंधन का फोन नंबर लिखा हो।
- बच्चों को पकड़ने के लिए सीट के पीछे हैंडिल जरूरी है।
- स्कूल वाहन का रंग पीला हो।
- स्कूल वाहन में फर्स्ट एड बाक्स और अग्निशमन यंत्र लगा हो।
- पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर लिखा होना चाहिए।
- सीट से अधिक बच्चे नहीं बैठने चाहिए।
- पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर हो।
अब पंजीयन निलंबित करने की दे रहे चेतावनी
आजमगढ़। गाजियाबाद की घटना के बाद परिवहन विभाग की ओर से स्कूली वाहनों को नोटिस भेजा जा रहा है। सप्ताहभर में नियमों को पूरा नहीं कराने पर इनका पंजीयन निलंबित करने की चेतावनी दी गई है। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार यादव स्कूलों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने अब तक दर्जनों स्कूलों की बसों को चेक कर खामियों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि स्कूल संचालकों को नोटिस भेजी गई है। उन्हें फिटनेश लेने के लिए निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि वह समय से फिटनेश नहीं कराए तो संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी