फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अकीदत के साथ निकाला गया चेहल्लुम का जुलूस

विज्ञापन
मुबारकपुर में चेहल्लुम के जुलूस के नौहाख्वानी और सीनाजनी करते शिया समुदाय के लोग। - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
मुबारकपुर। कस्बे में सोमवार को शहीदाने करबला की याद में अकीदत के साथ शिया समुदाय ने ताबूत और आलम का जुलूस निकाला। अंजुमनों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी कर शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। या अली मौला या हुसैन... की मातम की सदा सेे पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
विज्ञापन

चेहल्लुम का पहला जुलूस अंजुमन अंसारे हुसैनी क़दीम के दफ्तर से भोर साढ़े पांच बजे निकाला गया। अलम व ताबूत जुलूस की शुरूआत मौलाना इरफान अब्बास ने मजलिस पढ़ने व खैरातुल हसन के मर्सिया पढ़ने के बाद निकाला गया। अंजुमन अंसारे हुसैनी क़दीम, अंजुमन अंसारे हुसैनी रजि., मोहिब्बाने हुसैनी समंदपुर, अंजुमन इमामियां कोपागंज, अंजुमन मोहिब्बाने हुसैनी मुहल्ला पूराखिजिर ने नौहाख्वानी व सीनाजनी कर शहीदाने करबला को सच्ची खिराज-ए-अक़ीदत पेश किया। जुलूस मुहल्ला पूराबाग़ के सामने पहुंचकर खत्म हुआ।
दूसरा जुलूस मुहल्ला पूरसोफी, पूरा दुल्हन, पूराबाग़ से निकलकर मुहल्ला शाह मुहम्मदपुर स्थित दरबारे हुसैनी से निकाला गया। अंजुमन अंसारे हुसैनी क़दीम व रजि. के अलावा अंजुमन मासूमिया नौहाख्वानी व सीनाजनी किया। पूरा दीवान से गुजरता हुआ सब्जीमंडी स्थित कदम रसूल पहुंचा जहां अंजुमनों ने नौहाख्वानी की। जुलूस नगरपालिका से गुजरता हुआ पुलिस चौकी व मुहल्ला हैदराबाद के रास्ते से होता हुआ सिकठी गांव की सीमा पर स्थित शाह के पंजे पहुंचा। सुरक्षा के मद्देनजर क़स्बा चौकी प्रभारी कमलनयन दुबे जवानों के साथ मौजूद रहे। इस मौके पर अख्तर अब्बास, हाजी अली इमाम, आले हसन, एहतेशाम हुसेन, सभासद इम्तेयाज हुसेन, हाजी परवेज, आजम पहलवान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

----
अंजुमनों ने पेेश किया तारीखी नौहा
अंबारी। फूलपुर तहसील क्षेत्र केे अंबारी शिया आबादी में अंजुमन हुसैनिया रजिस्टर्ड के तत्वावधान में शोहदाये करबला इमाम हुसैन का चेहल्लुम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। चेहल्लुम का जुलूस ताजिया के साथ चौक से अकीदत के साथ उठाया गया। शुरूआत मौलाना हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद एहसान अहमद बनारसी ने मजलिस पेश कर किया। जुलूस जामा मस्जिद शिया आबादी से निकलकर अंबारी के माहुल रोड पहुंचा। जहां अंजुमनों ने तारीखी नौहा पेश किया। लोगों ने इमाम जैनुल आबदीन के ताबूत पर फूल-माला चढ़ाकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया। स्थानीय अंजुमन हुसैनिया ने भी नौहा ख्वानी किया। जुलूस अपने कदीम रास्ते माहुल मार्ग होते हुए करबला पहुंचा, जहां तजिया को दफन किया गया। मौलाना सैयद शाहनवाज हैदर जैदी, मौलाना वसी मोहम्मद ने तकरीर किया। चेहल्लुम का संचालन मोहम्मद यासीन ने किया।
आग पर मातम कर पेश की खिराज-ए-अकीदत
फूलपुर। चमावां गांव में अंजुमन फरोगे अजा की ओर से इमाम हुसैन का चेहल्लुम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। अंजुमनों ने आग पर चलकर मातम किया और करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। इस दौरान या अली मौला की सदाएं गूंजती रहीं।
जुलूस में शामिल लोगों ने अजाखानों से ताजिया निकालकर पूर्व प्रधान रज्जन के आवास के सामने लेकर पहुंचे जहां मौलाना ने मजलिस को खिताब किया। इस दौरान इमाम हुसैन के कुरबानी का वाकिया सुन सभी की आंखें छलक गईं। जुलूस के सबसे आगे हजरत अब्बास का अलम लेकर लोग चल रहे थे। जुलूस में दुलदुल घोड़ा की भी शबीह निकाली गई। जुलूस हजरत अब्बास के रौजे से होते हुए रसूले ख़ुदा के रौजा पहुंचा जहां अंजुमनों ने जंजीर का मातम पेश किया। आखिरी मातम पेश करने के बाद ताजिया को दफन किया गया। ताजिया दफन करने दौरान सभी लोग रो पड़े। जुलूस के साथ स्थानीय पुलिस चल रही थी।

अम्बारी में चेहल्लुम के जुलूस के सीनाजनी करते शिया समुदाय के लोग।- फोटो : AZAMGARH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें