कातिलाना हमले के लगभग 25 साल पुराने मुकदमे में मंगलवार को एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट में पूर्व विधायक उमाकांत यादव समेत चार आरोपी हाजिर हुए। कोर्ट ने सभी पर आरोप तय किए। अदालत ने गवाहों को तलब करते हुए सुनवाई की अगली तारीख आठ अगस्त निर्धारित की है। फूलपुर थाना क्षेत्र के अंबारी चौक पर 17 फरवरी 1998 की शाम छह बजे लोकसभा प्रत्याशी अकबर अहमद डंपी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और रमाकांत यादव व उमाकांत यादव को अपशब्द बोलने लगे। इसी बीच रमाकांत यादव तथा उमाकांत यादव भी अपने समर्थकों के साथ आ पहुंचे। दोनों तरफ से गाली गलौज तथा क्राॅस फायरिंग होने लगी। हालांकि किसी को गोली नहीं लगी। मामले में फूलपुर थाने में रमाकांत यादव तथा अकबर अहमद डंपी समेत कई अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अक्तूबर 1998 में रमाकांत यादव, उमाकांत यादव, अकबर अहमद डंपी समेत 79 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में भेजी थी। मंगलवार को इस मुकदमे में उमाकांत यादव समेत चार आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए। एमपी एमएलए कोर्ट के जज ओम प्रकाश वर्मा ने सभी पर आरोप निर्धारित किए। सभी ने आरोप से इन्कार किया। अदालत ने गवाही के लिए अगली तिथि आठ अगस्त निर्धारित की। उधर, एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि फतेहगढ़ जेल में बंद रमाकांत यादव के अधिवक्ता स्वामीनाथ यादव से उनको मिलने दिया जाए।