आजमगढ़। भूमि अधिग्रहण बिल की वापसी, डीजल, पेट्रोल और रेल किराए में कमी सहित अन्य मांगों को लेकर उलेमा कौंसिल ने सोमवार को रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास के बजाए जनता का उत्पीड़न करने में जुटी है। धरने के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।
प्रदेश अध्यक्ष नुरूल हुदा अंसारी ने कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार हो या सपा शासित राज्य सरकार। दोनों का मकसद सिर्फ आमजन का उत्पीड़न ही है। आज देश में सबकी भूख मिटाने वाला किसान खुद भूख से मर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर के देशों को अरबों-खरबों रुपये का दान दे रहे हैं लेकिन देश के किसानों को मुआवजे के नाम पर कहीं 75 रुपये तो कहीं 200 रुपये का चेक दिया जा रहा है। इतने से भी संतोष नहीं हुआ तो किसानों की जमीन को हड़पने के लिए भूमि अधिग्रहण बिल पेश कर दिया गया। जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि महंगाई कम करने के नाम पर सत्ता में आई भाजपा की केंद्र सरकार जनता की कमर तोड़ने के लिए आए दिन महंगाई बढ़ाने वाले कदम उठा रही है। आम जनता का ध्यान असल मुद्दे से भटकाने के लिए अपने नेताओं से अनाप-शनाप बयान जारी कराया जा रहा है। इस मौके पर मोहम्मद फैसल, अनिल सिंह, कन्हैया पांडेय, किरन राय, डा. हरिलाल चौहान, बदरे आलम, मास्टर आजम, मकसूद अहमद, आसिफ, शकील, आजम, दिलशाद आदि मौजूद रहे।