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प्रापर्टी डीलर की हत्या मामले में सात पर केस दर्ज

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टुनटुन सिंह में पोस्टर्माटम के दौरान र्मोचरी हाउस के बाहर लोगों की भीड़। - फोटो : AZAMGARH
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शहर के नरौली क्षेत्र में सोमवार की रात प्रापर्टी डीलर को गोली मार की गई हत्या के मामले में मृतक के भाई ने चार नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में है। एसपी के निर्देश पर तीन टीमें दबिश दे रही हैं।
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शहर कोतवाली के रैदोपुर-एलवल मुहल्ला निवासी प्रापर्टी डीलर राघवेंद्र सिंह उर्फ टुनटुन सिंह (36) सोमवार की रात किसी काम से नरौली क्षेत्र में गए थे। वहीं बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। वह अपनी कार की स्टेयरिंग पर वह लहुलुहान पड़े थे। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में देर रात मृतक के भाई प्रभाकर सिंह ने चार नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। अपनी तहरीर में प्रभाकर ने बताया कि एक निमंत्रण में उसे व बड़े भाई राघवेंद्र के साथ जाना था। उसने भाई को फोन किया तो भाई डरे हुए थे। उन्होंने बताया था कि मुझे उमाकांत यादव, निक्की उपाध्याय, दुर्गेश यादव, शक्ति सिंह सहित तीन अन्य लोग जान मारने की नीयत से घेर लिए हैं। जल्दी आकर मुझे बचा लो। वह अपने भाई को खोजते हुए नरौली क्षेत्र में पहुंचे तो कार के स्टेयरिंग पर भाई टुनटुन खून से लथपथ पड़े थे। जबकि हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छोटे भाई की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर जांच में जुट गई है।
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डीएवी पीजी कालेज के दो पूर्व अध्यक्ष नामजद
आजमगढ़। मृतक टुनटुन सिंह के भाई प्रभाकर सिंह ने जो तहरीर दी है उसमें डीएवी पीजी कालेज के दो पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दुर्गेश यादव और निक्की उपाध्याय भी आरोपी बनाए गए हैं। घटना के पीछे अभी तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है लेकिन जिन लोगों को नामजद कराया गया है, उससे मामला तो छात्रसंघ चुनाव के दौरान हुई मारपीट व एक युवक की हत्या जोड़ कर देखा जा रहा है। परिजन के साथ ही पुलिस भी चुप्पी साधे हुए है।
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गैंगवार की बात भी आ रही है सामने
आजमगढ़। टुनटुन सिंह की हत्या के पीछे का कारण घटना के 24 घंटे बाद भी स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं दबी जुबान लोग घटना के पीछे कारण गैंगवार बता रहे हैं। वर्चस्व को लेकर भी इस हत्याकांड को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। जब तक पुलिस कुछ खुलासा नहीं करती तब तक कुछ भी कहा नहीं जा सकता है।
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नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित
आजमगढ़। एसपी अनुराग आर्य की मानें तो घटना के कारणों का पता लगाने के अलावा नामजद किए गए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। तीनों टीमें जांच व दबिश में जुटी हुई हैं। जल्द हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा।
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