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Azamgarh News: अस्तित्वहीन 219 मदरसा संचालकों के खिलाफ केस दर्ज, कार्रवाई नहीं

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आजमगढ़। जनपद में अस्तित्वहीन मदरसों की एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद 219 मदरसा के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के चार महीने के बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की विवेचना पूरी नहीं हो सकी है। वहीं अधिकारियों को भी नहीं पता कि मुकदमा दर्ज होने के बाद कार्रवाई कहां तक पहुंची है।
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बताते चलें कि जिले में 2009-10 में बिना भौतिक सत्यापन के कई मदरसों को मान्यता और अनुदान देने का मामला सामने आया था। वर्ष 2017 में इसकी शिकायत सरकार से की गई थी। जहां 2017 में हुई जांच में 387 मदरसे वैध मिले, जबकि 313 मदरसे में गड़बड़ियां पाई गईं थीं।
मामले की जांच की जिम्मेदारी एसआईटी को दी। वर्ष 2022 में शासन को सौंपी में एसआईटी ने पाया कि 219 मदरसे ऐसे हैं जो अस्तित्वहीन थे, जबकि इन मदरसों के संचालकों ने लाखों रुपये मदरसा आधुनिकीकरण के नाम पर सरकार से धन लिया। इन मदरसा संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया। अब इन 219 मदरसों के खिलाफ मार्च 2025 में ही एफआईआर दर्ज की गई।
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इन थानों में दर्ज हुई एफआईआर
ईओडब्ल्यू के निरीक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह की तहरीर पर नगर कोतवाली में 2, सिधारी में 5, रानी की सराय में 3, कंधरापुर में 2, मुबारकपुर में 15, निजामाबाद में 5, गंभीरपुर में 2, देवगांव में 7, बरदह में 7, मेंहनगर में 5, तरवां में 3, जीयनपुर में 10, महराजगंज में 2, बिलरियागंज में 1, रौनापार में 3, अतरौलिया में 13, अहरौला में 25, कप्तानगंज में 2, फूलपुर में 41, पवई में 34, सरायमीर में 8 तथा दीदारगंज में 24 पर मुकदमा दर्ज किया गया। शेष मुकदमे भी इन्हीं थानों में दर्ज किए गए थे।
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अस्तित्वहीन मदरसों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। लेकिन, अभी तक उसमें आगे क्या प्रोग्रेस है यह पता नहीं है क्योंकि अभी तक समीक्षा नहीं हो पाई है। इसकी समीक्षा करके ही कुछ कहा जा सकता है।
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- हेमराज मीना, एसएसपी।
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