आजमगढ़। आजमगढ़ मंडल में डायल-112 पुलिस सेवा कॉलर की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है। कॉल रिस्पॉन्स, मौके पर पहुंचने की समयबद्धता और समस्या समाधान के स्तर पर मिली शिकायतों के आधार पर जारी प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में मंडल के तीनों जिले पीछे रहे हैं। इसमें आजमगढ़ जिला 60वें स्थान पर रहा है, जिसे प्रदेश की सूची में डी श्रेणी में रखा गया है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, आजमगढ़ में डायल-112 पर आने वाली कॉल्स के निस्तारण में देरी, फीडबैक के आधार पर संतुष्टि का स्तर कम और फील्ड रिस्पॉन्स की प्रभावशीलता अपेक्षानुरूप नहीं पाई गई। वहीं बलिया जिला 34वें स्थान पर रहा है और मऊ को 25वां स्थान मिला है। बलिया और मऊ दोनों जिलों को सी श्रेणी में रखा गया है, जो आजमगढ़ की तुलना में बेहतर स्थिति दर्शाता है, लेकिन फिर भी शीर्ष श्रेणी से दूर है। जानकारों का कहना है कि डायल-112 की सफलता का सीधा संबंध त्वरित रिस्पॉन्स, संसाधनों की उपलब्धता, जीपीएस ट्रैकिंग और कॉलर से प्रभावी संवाद से होता है। कई मामलों में वाहन की उपलब्धता, स्टाफ की कमी और कॉल की प्राथमिकता तय करने में देरी जैसे कारण सामने आए हैं, जिससे कॉलर असंतुष्ट रहे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सेवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मॉनिटरिंग बढ़ाई जा रही है। रिस्पॉन्स टाइम घटाने, फील्ड स्टाफ की ट्रेनिंग और कॉल फीडबैक पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में सुधारात्मक कदमों से मंडल के जिलों की रैंकिंग और कॉलर संतुष्टि में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिलावार स्थिति
जिला - फीडबैक कॉल की संख्या - संतुष्ट कॉलरों की संख्या - रैंकिंग - ग्रेड
1- आजमगढ़ - 3406 - 3188 - 60 - डी
2- बलिया - 2492 - 2362 - 34 - सी
3- मऊ - 1799 - 1714 - 25 - सी
पुलिस के पास आने वाली सभी वादकारी और डायल-112 पर कॉल करने वाले कॉलर को संतुष्ट करना पहली प्राथमिकता है। तीनों जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ये सुनिश्चित करें कि एक-एक कॉलर संतुष्ट हो। इसमें लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सुनील कुमार सिंह, डीआईजी आजमगढ़ रेंज।