रानी की सराय में गिराये गये भवानों का उठाया जाता मलवा।
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रानी की सराय। कस्बे में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन द्वारा रविवार को निर्माण की परिधि में बाधक बन रहे भवनों को जेसीबी से ढ़हा दिया गया। वहीं मंगलवार को जब पीडब्ल्यूडी की टीम कस्बे में मलबा उठाने श्के लिए पहुंची तो साढ़े चार मीटर और सात मीटर को लेकर असमंजस में पड़े व्यापारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बाद में फोर्स बुलाई गई और उसे लगाकर मलबे को हटाया गया। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने व्यापारियों को बताया कि सड़क के किनारे से साढ़े चार मीटर में ही निर्माण कराया जाएगा। तब जाकर लोग शांत हुए।
रानी की सराय कस्बे में काफी दिनों से विरोध के कारण सड़क चौड़ीकरण का कार्य रूका हुआ था। जबकि बाजार के दोनों तरफ सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। लोगों के विरोध केे देखते हुए रविवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव कुमार ने पुलिस और पीएसी की तैनाती कर निर्माण में बाधक बन रहे मकानों को ध्वस्त कर दिया। मकान ध्वतीकरण के तीसरे दिन मलवा उठाते समय पीडब्लूडी विभाग को विरोध का सामना करना पड़ा। बाजार वासियों में सड़क के दायरे को लेकर संशय था। विरोध के बाद मौके पर भारी संख्या में फोर्स तैनात हो गई।।व्यापारियों ने पहले तय सीमा बताने को कहा। इसके बाद विभाग ने लोगों बताया कि हम राजस्व की जमीन पर सड़क का निर्माण करेंगे। व्यापारियों का कहना था कि अगर साढ़े चार मीटर तक निर्माण कराया जाए तो ठीक है लेकिन अगर उससे अधिक में निर्माण होता है हमें मुआवजा मिलना चाहिए। मौके पर मौजूद इंचार्ज इंद्रजीत यादव ने बताया कि हम सड़क के किनारे से साढ़े चार मीटर जमीन में कार्य करेंगे। जो मार्च तक कार्य पूरा हो जाएगा। व्यापारियों का संशय दूर होने के बाद ही कस्बे से मलबे को हटाया जा सका।