आजमगढ़। परिवहन निगम द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। लेकिन बसों की स्थिति देखें तो ज्यादातर बसों के शीशे तक गायब हैं। जिसके कारण यात्रियों को धूप और लू के थपेड़ों को सहते हुए यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है। मौसम के तीखे मिजाज के बीच इस समय यात्रा करना सबसे कठिन काम है। दिन के समय सूर्य की किरणें बदन को झुलसा रही है। बसों में भी यात्रा के दौरान आराम नहीं मिल रहा है। इसका मुख्य कारण बसों से शीशों का गायब होना है। परिवहन विभाग द्वारा यात्रियों से भाड़ा तो वसूला जाता है लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। इसका नजारा रोडवेज की बसों को देखकर लगाया जा सकता है। रोडवेज की बहुत सी बसें ऐसी हैं जिनमें शीशे गायब हैं।
वर्तमान में चल रहे लू के थपेड़ों से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धूप भी सीधे उनके ऊपर पड़ रही है जिसके कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। लेकिन जिम्मेदारों ने मौन साध रखा है। जिसका खामियाजा यात्री भुगत रहे हैं। वाराणसी जा रहे सुधाकर ने बताया कि उन्हें बांबे की ट्रेन पकड़ने जाना है। जो बस लगी है। उसके कई शीशे टूटे हैं। लेकिन मजबूरी में उन्हें यह बस पकड़नी पड़ेगी क्योंकि अगर दूसरी बस का इंतजार करेंगे तो ट्रेन छूट भी सकती है। परिवार के साथ जौनपुर जा रही है गीता देवी ने कहा कि का करीं जवन बस मिलल वो ही मैं बैठ गईली। पता नहीं दूसर बस कब मिली। आरएम बीके सिंह ने बताया कि जितनी बसें रूट पर हैं उनमें से किसी बस का शीशा नहीं टूटा है। लेकिन गैराज में जो बसें है उन्हें मरम्मत के लिए खड़ा किया गया है।