रानी की सराय (आजमगढ़)। एक प्रत्याशी को लालच और धमकी देने वाला दूसरा प्रत्याशी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में वायरल ऑडियो पर खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर रानी की सराय पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही दोपहर बार उसकी सेमरहा गांव स्थित अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में उसका चालान भी कर दिया। गिरफ्तार प्रत्याशी टेमलपुर बीडीसी सीट से प्रत्याशी था और रानी की सराय ब्लाक प्रमुख पद का प्रमुख दावेदार भी बताया जा रहा था।
रानी की सराय ब्लाक के टेकमलपुर बीडीसी सीट से कुल सात लोगों ने अपना नामांकन किया था। नामांकन करने वालों में प्रमुख रुप से आशा, देवव्रत, प्रवीण, रामनरेश यादव, लाल बहादुर, श्रीकांत व सुमन शामिल थे। रामनरेश यादव एक विद्यालय के प्रबंधक भी है और रानी की सराय ब्लाक प्रमुख पद के दावेदार भी बताए जा रहे है। निर्विरोध होने का इन्होंने भरसक प्रयास किया और टेकमलपुर से दावेदारी प्रस्तुत करने वाले अन्य प्रत्याशियों को प्रलोभन देने के साथ ही धमकी तक दी। दो प्रत्याशियों प्रवीण व सुनीता ने पर्चा वापस भी ले लिया।
रामनरेश ने एक अन्य व मजबूत दावेदार देवव्रत के प्रस्तावक शिवपाल को फोन कर पहले प्रलोभन दिया। जिसमें कहा गया कि एक लाख रुपये ले लो और पर्चा वापस ले लो। इसके बाद भी जब प्रत्याशी के प्रस्तावक ने चुनाव लड़ने की बात कही तो रामनरेश ने फोन पर उसे धमकी देते हुए कहा कि फिर 19 के बाद समझने के लिए तैयार रहो।
रामनरेश व शिवपाल के बीच हुई बातचीत की आडियो वायरल हो गई। अमर उजाला के पास भी आडियो आई तो अमर उजाला ने प्रमुखता से सोमवार के अंक में खबर भी प्रकाशित कर दिया। जिस पर पुलिस सक्रिय हुई और देवव्रत के प्रस्तावक शिवपाल से तहरीर लेकर पहले मुकदमा दर्ज किया और सोमवार को दिन में लगभग दो बजे रामनरेश को सेमरहा गांव स्थित अंडरपास के पास से गिरफ्तार भी कर लिया। प्रत्याशी को धमकी व प्रलोभन देने के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।