आजमगढ़। जिले में युवाओं के बीच बुलेट बाइक से पटाखे जैसी आवाज निकालने का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। युवा बुलेट की मूल आवाज को बदलने के लिए मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा रहे हैं और सड़कों पर तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते हुए धमाके जैसी आवाज निकालते हैं।
इससे न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि राहगीरों और आसपास के लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है। एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने बताया कि पिछले दो माह में मेरे द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर चलने वाले 13 बुलेट का चालान किया गया है। वहीं, टीएसआई संजय कुमार पाल ने बताया कि पिछले दो माह में कुल 16 चालान किए गए यानी कुल 29 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद युवाओं में इसका क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कस्बों और गांवों में भी यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई युवा इसे अपनी शान समझकर बाइक से पटाखे फोड़ने जैसी आवाज करते हैं। अचानक तेज धमाके की आवाज से सड़क पर चल रहे लोग, बुजुर्ग और छोटे बच्चे घबरा जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। शहर निवासी ओम प्रकाश अग्रवाल, रवि शर्मा, दयाशंकर व गीता का कहना है कि इस तरह के मोडिफाइड साइलेंसर कानून के विरुद्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर रोक लग सके और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।